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पंचायत में भुगतान, ज़मीन पर काम गायब: छोटी पोड़ी के वार्डों में विकास कार्यों पर उठे सवाल

कलयुग की कलम से राकेश यादव

पंचायत में भुगतान, ज़मीन पर काम गायब: छोटी पोड़ी के वार्डों में विकास कार्यों पर उठे सवाल

कलयुग की कलम उमरिया पान – ग्राम पंचायत छोटी पोड़ी में विकास एवं स्वच्छता कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामवासियों का कहना है कि वार्ड क्रमांक 11 की सड़क निर्माण राशि 24 जनवरी को निकाल ली गई, लेकिन 19 फरवरी तक मौके पर कोई कार्य प्रारंभ नहीं हुआ। वहीं सफाई के नाम पर नियमित बिल लगाए जा रहे हैं, जबकि न तो सफाई हो रही है और न ही अन्य सार्वजनिक कार्य।

ग्राम पंचायत पोड़ी की सरपंच माया बाई कोल एवं सचिव मनेश पांडे के कार्यकाल में वार्ड क्रमांक 8, 9, 10 एवं 11 के नागरिक प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार राजू बर्मन के घर से बस्ती अंदर अटल बिहारी वाजपेई के घर तक पंचम वित्त योजना से सीसी रोड निर्माण प्रस्तावित है, परंतु मौके पर न गिट्टी, रेत, सीमेंट जैसी सामग्री डंप हुई और न ही निर्माण कार्य शुरू हुआ। इसके बावजूद भुगतान निकालने एवं बिल लगाने की प्रक्रिया जारी रहने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।

स्वच्छता व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। कूड़ेदानों में कचरे के ढेर लगे हैं, नालियों की सफाई नहीं हुई है और हैंडपंप सहित सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैली हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वच्छता के नाम पर केवल कागजों में कार्य दर्शाकर राशि निकाली जा रही है।

पंचायती राज नियमों के तहत क्या है प्रावधान

पंचायती राज व्यवस्था एवं वित्तीय नियमों के अनुसार: किसी भी निर्माण कार्य से पूर्व स्थल पर सामग्री उपलब्ध कराना एवं कार्य प्रारंभ करना अनिवार्य है।भुगतान कार्य प्रगति एवं भौतिक सत्यापन के बाद ही किया जा सकता है।स्वच्छता एवं सार्वजनिक कार्यों का नियमित निरीक्षण और ग्राम सभा में प्रतिवेदन प्रस्तुत करना आवश्यक है।ग्राम सभा का नियमित आयोजन कर योजनाओं की स्वीकृति एवं सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) कराया जाना चाहिए।इन प्रावधानों का पालन न होने पर संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों पर प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

ग्रामवासियों ने दी चेतावनी

ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र ही कार्य प्रारंभ नहीं हुआ और स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत कर कानूनी कार्रवाई के लिए बाध्य होंगे। ग्राम में भारी रोष व्याप्त है और लोग पारदर्शिता एवं जमीनी स्तर पर कार्य की मांग कर रहे हैं।

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