उमरियापान में पुण्यतिथि पर याद किए गए पंडित दीनदयाल उपाध्याय: अंत्योदय के संकल्प के साथ समर्पण अभियान को मिली गति विनायक भवन में आयोजित कार्यक्रम में संगठन विस्तार, समर्पण निधि और रोजगार पर हुआ व्यापक मंथन
कलयुग की कलम से राकेश यादव

उमरियापान में पुण्यतिथि पर याद किए गए पंडित दीनदयाल उपाध्याय: अंत्योदय के संकल्प के साथ समर्पण अभियान को मिली गति विनायक भवन में आयोजित कार्यक्रम में संगठन विस्तार, समर्पण निधि और रोजगार पर हुआ व्यापक मंथन
कलयुग की कलम उमरिया पान -एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर उमरियापान मंडल द्वारा विनायक भवन में श्रद्धांजलि एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को स्मरण करते हुए अंत्योदय के लक्ष्य को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।


मुख्य वक्ता सुरेश राय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बचपन, संघर्षमय जीवन और संगठन निर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय चिंतन को आधुनिक संदर्भों में प्रस्तुत करते हुए “एकात्म मानववाद” का दर्शन दिया, जिसमें व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के संतुलित विकास की बात कही गई है।
जिला मंत्री प्रशांत राय ने उनके आदर्शों को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताते हुए समर्पण निधि अभियान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आजीवन समर्पण सहयोग निधि में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया और संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया।


मंडल अध्यक्ष आशीष चौरसिया ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के संगठनात्मक जीवन को स्मरण करते हुए कहा कि उनके सिद्धांत कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने समर्पण निधि सहित संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के अंत में सुशांक चौरसिया ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मंडल के पदाधिकारी, वरिष्ठ कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राष्ट्र निर्माण और अंत्योदय के संकल्प को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।



