पकरिया अधिकारियों की मिली भगत से शासकीय भूमि पर सड़क बनाने दे दी अनुमति बिछिया माईनर नहर का मामला, पकरिया में ग्रेस मिशल स्कूल बनवा रहा सड़क
कलयुग की कलम से राकेश यादव

पकरिया अधिकारियों की मिली भगत से शासकीय भूमि पर सड़क बनाने दे दी अनुमति बिछिया माईनर नहर का मामला, पकरिया में ग्रेस मिशल स्कूल बनवा रहा सड़क
कलयुग की कलम उमरिया पान–केन्द्र सरकार के द्वारा नहर के माध्यम से खेतों में पानी उपलब्ध कराने की योजना बनाई थी, जिससे किसानों को पानी मिल रहा है। खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिये बड़ी नहर से छोटी नहरों को जोड़ा गया था। इसी क्रम में बिछिया माईनर नहर भी बनाई गई है लेकिन ग्राम पकरिया में स्थित ग्रेस मिशन मिशन के द्वारा नियमों को रौंदकर शासन के अधिपत्य एवं स्वामित्व की भूमि पर सड़क बनाने का कार्य किया जा रहा है।
जब संबंध में पड़ताल की गई तो हकीकत यह सामने आई कि नियम विरूद्ध तरीके से जो सड़क बन रही है उसमें कार्यपालन यंत्री नर्मदा विकास संभाग क्र-4 सिहोरा जिला जबलपुर की भूमिका संदिग्ध है और उनके द्वारा स्कूल को सड़क बनाने की अनुमति दी गई है। जबकि जिस स्थान पर सड़क का निर्माण कार्य किया जा रहा है वह भूमि नहर की लेकिन वहां पर सड़क का निर्माण होने से नहर के मूल स्वरूप में परिवर्तन हो गया है। यहां पर सवाल यह उठता है कि कार्यपालन यंत्री के द्वारा किन नियमों के तहत एक निजी संस्थान को सड़क बनाने की अनुमति दी गई है। जिस स्थान पर सड़क का निर्माण किया जा रहा है वहां से ग्रामीणों का आवागमन भी नहीं है बावजूद इसके स्कूल प्रबंधन के द्वारा बात का बखान किया जा रहा है कि सड़क बनाने से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा होगी जबकि सत्यता यह है कि उस स्थान से किसी भी ग्रामीण की निकासी नहीं है। स्कूल प्रबंधन के द्वारा अपनी सुविधा के लिये शासन की भूमि पर सड़क का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है।
अनुमति ही संदिग्ध
ग्रेस मिशन पब्लिक स्कूल के द्वारा कार्यपालन यंत्री से सांठगांठ करते हुये नहर की भूमि में सड़क बनाने की अनुमति मांगी थी जिसमें कार्यपालन यंत्री के द्वारा इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराये बिना ही निजी संस्थान को लाभ पहुंचाने की मंशा से अनुमति दी गई है। लिहाजा जिस तरह से एक निजी संस्थान को नियम विरूद्ध तरीके से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराये बिना ही कार्यपालन यंत्री नर्मदा विकास संभाग क्र-4 सिहोरा अनिल तिवारी के द्वारा अनुमति दी गई है वह संदिग्ध प्रतीत हो रही है। चूंकि स्कूल प्रबंधन के द्वारा दिनांक 21 मार्च 2024 को कार्यपालन यंत्री सिहोरा को पत्र लिखा गया है और कार्यपालन यंत्री के द्वारा पत्र के कुछ ही दिनों के पश्चात दिनांक 27 मार्च 2024 को सड़क बनाने की अनुमति स्कूल प्रबंधन को दी गई है। उनके द्वारा इस संबंध में न तो वरिष्ठ अधिकारियों को किसी तरह का कोई पत्राचार किया गया और न ही दी गई अनुमति के संबंध में अधिकारियों को अवगत कराया गया।
इनका कहना है
कार्यालय जाकर ही इस संबंध में कुछ बता पाऊंगा। मुझे इस संबंध में जानकारी नहीं है।



