नवाचार, जिज्ञासा और ज्ञान का उत्सव शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस धूमधाम से मनाया गया
कलयुग की कलम से राकेश यादव

नवाचार, जिज्ञासा और ज्ञान का उत्सव शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस धूमधाम से मनाया गया
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा -विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, नवाचार और तार्किक सोच को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विज्ञान के विविध आयामों को समझते हुए सक्रिय सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. मनोज कुमार गुप्ता ने “वैज्ञानिक आविष्कार एवं नवाचार” विषय पर प्रेरक व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि विज्ञान केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं, बल्कि मानव जीवन को बेहतर बनाने का सशक्त माध्यम है।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विज्ञान आधारित पोस्टरों का प्रदर्शन कर अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बृजलाल अहिरवार के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान हुए—डॉ. हर्षित द्विवेदी ने विज्ञान में महिलाओं की भूमिका और महिला सशक्तिकरण पर विचार रखते हुए वैज्ञानिक क्षेत्र में महिलाओं के बढ़ते योगदान को रेखांकित किया।
डॉ. राजाराम सिंह ने विज्ञान का समाज पर प्रभाव विषय पर प्रकाश डालते हुए वैज्ञानिक सोच को सामाजिक विकास की आधारशिला बताया।
भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. मनीषा व्यास ने विज्ञान को दैनिक जीवन, मानव संरचना और प्रकृति से जोड़ते हुए समन्वित दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।कार्यक्रम का प्रभावी संचालन श्रीमती स्मिता परसाई द्वारा किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त स्टाफ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उत्साहपूर्ण उपस्थिति कार्यक्रम की विशेषता रही।
विज्ञान दिवस का संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने, नवाचार के लिए प्रेरित होने तथा समाज के विकास में विज्ञान की भूमिका को समझने का संदेश दिया गया।



