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यंत्रीकृत खेती से बदलेगी तस्वीर: कृषि विज्ञान मेले में आधुनिक तकनीकों ने किसानों को दिखाया समृद्धि का रास्ता पिपरौंध कृषि विज्ञान केंद्र में दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेला सम्पन्न

कलयुग की कलम से राकेश यादव

यंत्रीकृत खेती से बदलेगी तस्वीर: कृषि विज्ञान मेले में आधुनिक तकनीकों ने किसानों को दिखाया समृद्धि का रास्ता पिपरौंध कृषि विज्ञान केंद्र में दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेला सम्पन्न

कलयुग की कलम कटनी -जिले में कृषि को लाभकारी और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से पिपरौंध स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेले का आयोजन किया गया। कलेक्टर आशीष तिवारी के मार्गदर्शन एवं उपसंचालक कृषि अरुणिमा सेन के नेतृत्व में आयोजित इस मेले में किसानों को यंत्रीकृत खेती, नरवाई प्रबंधन और आधुनिक कृषि उपकरणों की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

 कृषि यंत्र प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

मेले में कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा लगाई गई उन्नत कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी किसानों के लिए विशेष आकर्षण रही। विभागीय अधिकारी संदीप पीपड़ा ने मंच से किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों, शासकीय योजनाओं तथा इनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि यंत्रीकृत खेती अपनाने से किसान कम समय और कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

गहरी जुताई और मिट्टी सुधार से बढ़ेगी उर्वरता

कृषि यंत्र प्लाऊ द्वारा 8–10 इंच तक मिट्टी पलटने से दीमक, इल्ली और हानिकारक कीट नष्ट होते हैं खरपतवार कम होता है मिट्टी का नवीनीकरण होता है जलधारण क्षमता बढ़ती है

विशेषज्ञों ने सलाह दी कि ढलान वाले खेतों में विपरीत दिशा में गहरी जुताई करने से मिट्टी का कटाव रोका जा सकता है।

 सब-सॉइलर: कठोर परत तोड़कर बढ़ाता है जल संचयन सब-सॉइलर यंत्र 18–24 इंच गहराई तक मिट्टी की कठोर परत को तोड़कर: वर्षा जल को जमीन में समाहित करता है अधिक वर्षा में जलभराव रोकता है कम वर्षा में फसल को नमी उपलब्ध कराता है इससे फसल सड़न और सूखे दोनों जोखिम कम होते हैं।

नरवाई प्रबंधन से बचें, कमाएं अतिरिक्त आय

मेले में बेलर मशीन के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। हार्वेस्टर कटाई के बाद खेत में बची पराली को:रेक से एकत्र कर बेलर से बंडल बनाकर ईंट भट्टों, डेयरी और गौशालाओं को बेचकर किसान अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं।इससे पराली जलाने की आवश्यकता नहीं रहती, जिससे वायु प्रदूषण और मिट्टी की क्षति से बचाव होता है।

 लेजर लैंड लेवलर से समान सिंचाई, अधिक उत्पादन

लेजर लैंड लेवलर द्वारा खेत समतल करने से:पानी और उर्वरक का समान वितरण समान गहराई पर बुवाई डीजल, समय और लागत की बचत जलभराव व सूखे की समस्या से बचाव विशेषज्ञों ने बताया कि असमतल खेत फसल हानि का बड़ा कारण बनते हैं।

 सुपर सीडर व हैप्पी सीडर: एक साथ तीन काम

सुपर सीडर और हैप्पी सीडर जैसे यंत्र:नरवाई काटकर मिट्टी में मिलाते हैं खेत की तैयारी करते हैं एक साथ बुवाई करते हैं इनके उपयोग से:समय पर बोनी कम बीज व खाद की आवश्यकता अधिक उत्पादन मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार पराली जलाने से मित्र कीट नष्ट होते हैं और मिट्टी कठोर हो जाती है—इन यंत्रों से इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है।

 किसानों की बड़ी भागीदारी

मेले में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर आधुनिक तकनीकों को समझा और यंत्रीकृत खेती अपनाने में रुचि दिखाई। विशेषज्ञों ने स्ट्रॉ रीपर, रीपर-कम-वाइंडर सहित अन्य उपकरणों की जानकारी देकर किसानों को वैज्ञानिक खेती की दिशा में प्रेरित किया।

 

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