मध्यप्रदेश

सिहोरा में शिक्षक शक्ति का महाकुंभ 1 फरवरी को जिला स्तरीय सम्मेलन, 200 शिक्षकों का होगा भव्य सम्मान 

कलयुग की कलम से राकेश यादव

सिहोरा में शिक्षक शक्ति का महाकुंभ 1 फरवरी को जिला स्तरीय सम्मेलन, 200 शिक्षकों का होगा भव्य सम्मान 

कलयुग की कलम सिहोरा -शिक्षा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक आयोजन के रूप में राज्य शिक्षक संघ का जिला स्तरीय सम्मेलन आगामी 1 फरवरी को सिहोरा स्थित रुक्मिणी पैलेस में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का शुभारंभ दोपहर 12 बजे से होगा। इस गरिमामय आयोजन में संघ के प्रांताध्यक्ष जगदीश यादव विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

सम्मेलन के दौरान जिले के लगभग 200 ऐसे शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। यह सम्मान समारोह शिक्षकों के मनोबल को नई ऊर्जा और सम्मान प्रदान करेगा।

इस अवसर पर प्रांताध्यक्ष जगदीश यादव “राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन एवं उससे जुड़ी चुनौतियां” विषय पर शिक्षकों को संबोधित करेंगे। वे नई शिक्षा नीति के प्रभाव, व्यवहारिक क्रियान्वयन, शिक्षकों की भूमिका तथा भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से मार्गदर्शन देंगे।

सम्मेलन में शिक्षकों से जुड़े कई ज्वलंत और महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी गंभीर मंथन किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से पुरानी पेंशन की बहाली, प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता, अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया का सरलीकरण, लंबित क्रमोन्नति, ग्रेज्युटी में पूर्ण सेवाकाल की गणना जैसे विषय शामिल रहेंगे। इन बिंदुओं पर चर्चा कर संघ की आगामी संघर्ष रणनीति तय की जाएगी।

राज्य शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह सम्मेलन शिक्षकों के अधिकारों, सम्मान और भविष्य की दिशा तय करने में निर्णायक साबित होगा। उन्होंने जिले के समस्त शिक्षकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर सम्मेलन को सफल बनाने की अपील की।

संघ के पदाधिकारियों ब्रजेश पटेल, निशा पाठक, अरविंद उपाध्याय, अजय खरे, मनमोहन राय, संजय पांडे, राजकुमार साहू, विनीत मिश्रा, चंद्रप्रकाश चौहान, रवि दुबे, सुनील तिवारी सहित अन्य साथियों ने भी शिक्षकों से एकजुट होकर सम्मेलन में सहभागिता निभाने का आग्रह किया है।

यह सम्मेलन न केवल सम्मान का मंच होगा, बल्कि शिक्षकों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था के भविष्य को लेकर सशक्त संवाद और संघर्ष की दिशा तय करने वाला एक प्रभावी और प्रेरणादायक आयोजन सिद्ध होगा।

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