प्रशासन

फीस जमा नहीं होने से छूटी बच्चे की परीक्षा, कलेक्टर के सामने फूट-फूटकर रोई बच्चे की मां, कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को जांच के दिए निर्देश

कलयुग की कलम से रामेश्वर त्रिपाठी

सिंगरौली- साहब; बच्चे की फीस जमा नहीं होने पर उसे परीक्षा में शामिल नहीं किया गया। परीक्षा छूट गई और बच्चे का भविष्य दांव पर लग गया। ये कहते कहते एक महिला कलेक्टर के सामने ही फफक फफक कर रो पड़ी। महिला को रोता देख मौजूद अधिकारी कर्मचारी हैरान रह गए और किसी तरह उसे दिलासा देकर शांत कराया। महिला निवास गांव से आई थी । कलेक्टर ने महिला से पूरे मामले की जानकारी ली और जिला शिक्षा अधिकारी को जांच का निर्देश दिया।

ये है पूरा मामला

देवसर जनपद पंचायत के निवास गांव से जनसुनवाई में संगीता साहू नाम की महिला कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंची थी। संगीता साहू ने बताया कि दो साल पहले उनके बच्चे का शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत आदर्श सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय निवास में प्रवेश के लिए चयन हुआ था। लेकिन स्कूल में प्रवेश नहीं लिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत के बावजूद प्रवेश नहीं हुआ। विधायक कुंवर टेकाम को प्रवेश नहीं लिए जाने की जानकारी दी तो उनके निर्देश पर तत्कालीन देवसर एसडीएम व डीइओ ने बच्चे का दूसरे निजी स्कूल ग्लोरियस पब्लिक स्कूल में प्रवेश दिलाया।

ऐसे दांव पर लगा बच्चे का भविष्य

दरअसल जब आदर्श सरस्वती शिशु मंदिर ने बच्चे को एडमीशन नहीं दिया और उसका एडमीशन निजी स्कूल ग्लोरियस पब्लिक स्कूल में कराया गया तो ये तय हुआ था कि बच्चे की फीस का भुगतान आदर्श सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल की ओर से किया जाएगा लेकिन आदर्श सरस्वती शिशु मंदिर ने दो साल बीत जाने के बाद भी बच्चे की फीस ग्लोरियस स्कूल को जमा नहीं की। इधर फीस न मिलने पर ग्लोरियस स्कूल ने बच्चे को परीक्षा में बैठने से रोक दिया जिससे उसका भविष्य दांव पर लग गया है और इसी कारण मां संगीता साहू अपनी पीड़ा लेकर कलेक्टर के पास पहुंची थी। जहां उसके आंसू छलक पड़े।

Related Articles

Back to top button