मध्यप्रदेश

कटनी जिले के ढीमरखेड़ा ब्लॉक के सभी ग्रामों के लोगों का अघोषित बिजली कटौती से जन जीवन अस्त-व्यस्त जिम्मेदारों को नहीं है कोई सरोकार नल जल योजना भी पड़ी है बंद बिजली न मिलने से किसान भी है परेशान शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कहीं सुनवाई

कलयुग की कलम से राकेश यादव

कटनी जिले के ढीमरखेड़ा ब्लॉक के सभी ग्रामों के लोगों का अघोषित बिजली कटौती से जन जीवन अस्त-व्यस्त जिम्मेदारों को नहीं है कोई सरोकार नल जल योजना भी पड़ी है बंद बिजली न मिलने से किसान भी है परेशान शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कहीं सुनवाई

MPकलयुग की कलाम-ढीमरखेड़ा कटनी जिले के अंदर ढीमरखेड़ा ब्लॉक जैसे लाइट से कहीं भी उपभोक्ता परेशान नहीं होंगे यदि जरा सा भी पानी झिमक जाए तो आप समझिए कि ढीमरखेड़ा एवं आसपास के जितने भी गांव लगे हैं अंधेरे में डूब जाते हैं फिर कोई भरोसा नहीं है की लाइट कब चालू होगी इसकी कोई गारंटी नहीं है 

रात के अंधेरे में रहने को मजबूर है ग्रामवासी 

ढीमरखेड़ा क्षेत्र के गांव जंगल एवं पहाड़ियों से घिरे हुए हैं रात के अंधेरे में छोटे बच्चे एवं बुजुर्गों को यही डर रहता है कि कहीं कोई जहरीला जीव जंतु ना काट ले रात के अंधेरे में सो नहीं पाते हैं घरों में लोगों के बिजली से चलने वाले उपकरण भी बंद पड़े हैं पंखा कूलर किसी काम के नहीं है उमस भरी गर्मी के चलते बच्चों से लेकर बुजुर्गों  को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है ऊपर से वर्षा न होने के कारण गर्मी इतनी अधिक हो रही है कि हर घर में लोग बीमार पड़ रहे हैं मौसमी बीमारियों के कारण आम नागरिक एवं मजदूर किसान सब परेशान है 

अभी कुछ दिन पूर्व जनपद सदस्य एवं ग्रामीणों ने सड़क जामकर ज्ञापन भी सोपा था अधिकारियों को इसके बाद भी बिजली विभाग के ऊपर बैठे आला अधिकारी इस और ध्यान नहीं दे रहें हैं सभी जगह बिजली समस्या से ग्रसित है लोग

नल जल योजना भी पड़ी है बंद 

सरकार की महत्वाकांक्षी योजना हर घर को जल पहुंचने वाली योजना भी बिजली न मिलने के कारण बंद पड़ी है लोगों के घरों तक पीने का पानी नहीं पहुंच पा रहा है क्षेत्र में हेड पंपों की भी स्थिति खराब है गांव में यदि 4 से 5 हेड पंप है तो जिसमें एक दो ही चालू है बाकी बंद पड़े हैं ग्रामीण आधा किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर है ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर बिजली मिल जाए तो पानी की समस्याएं कम होगी लेकिन जब नल जल योजना के तहत बनी टंकी भरने का समय होता है तो बिजली ही गुल हो जाती है आती भी है तो घंटे में पच्चीसों बार ट्रिपिंग करती है जिससे कि पानी की टंकी भर नहीं पाती यदि ट्रिपिंग बंद हो जाए तो पानी की टंकी भर जाए तो ग्रामीणों को कम से कम पानी की समस्या से निजात मिल पाएगी

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