KKK NEWSओल्डेस्ट प्रकरण निराकरण स्कीम: पेशी व पुलिस व अधिकारियों के झंझट से मिली मुक्ती
कलयुग की कलम से राकेश यादव
ओल्डेस्ट प्रकरण निराकरण स्कीम: पेशी व पुलिस व अधिकारियों के झंझट से मिली मुक्ती
जिला न्यायालय में निपटाए गए 2572 लंबित प्रकरण, 27 प्रकरणों पर चल रही थी सुनवाई
मध्य प्रदेश कटनी. कई साल से लोग न्यायालय, पुलिस व विभागों के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन न्यायालय की ओल्डेस्ट प्रकरण निराकरण स्कीम से बड़ा फायदा मिला है। ढाई हजार से अधिक प्रकरणों पर सुनवाई करते हुए न्यायालयों ने फैसलों दिया है, इससे लोगों को बड़ी राहत मिली है। उच्च न्यायालय जबलपुर के मुख्य न्यायाधिपति रवि मलिमठ के निर्देशों के पालन में एवं मप्र उच्च न्यायालय जबलपुर के न्यायाधिपति संजय द्विवेदी पोर्टफोलियो जज के मार्गदर्शन में एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश धरमिन्दर सिंह राठौड की सतत निगरानी में न्यायिक जिला स्थापना कटनी में पदस्थ न्यायिक अधिकारियो द्वारा उच्च न्यायालय मप्र द्वारा प्रति तिमाही में 25 पुराने प्रकरणों के निराकरण संबंधी योजना के अंतर्गत लंबित वर्षों पुराने प्रकरणों में से कई प्रकरणों का निराकरण कर कीर्तिमान स्थापित किया है।
उच्च न्यायालय द्वारा पूरे वर्ष में प्रत्येक न्यायिक अधिकारी को 100-100 पुराने प्रकरणों का निराकरण किये जाने का वार्षिक लक्ष्य दिया गया था, जिसके पालन में कुल 2700 प्रकरणों में सुनवाई चल रही थी, इनमें से 2572 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस प्रकार न्यायिक जिला स्थापना कटनी पर पदस्थ न्यायिक अधिकारीगण द्वारा अपने अपने न्यायालय में लंबित पुराने प्रकरणों में से 95.26 प्रतिशत से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया है।
इनकी पहल से बनी बात
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश धरमिन्दर सिंह राठौड, विशेष न्यायाधीश एट्रोसिटीज राजेन्द्र कुमार शर्मा, द्वितीय जिला न्यायाधीश आशुतोष मिश्र, षष्टम जिला न्यायाधीश डीके सिंह, चतुर्थ जिला न्यायाधीश इरशाद अहमद, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम श्वेता गोयल, जिला न्यायाधीश यतेश शिशोदिया, सप्तम जिला न्यायाधीश सिद्धि मिश्रा, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड ढीमरखेड़ा रमाकांत भारके, प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड रंजना चतुर्वेदी, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड निधि जैन, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड विजयराघवगढ़ संजू तिवारी और तृतीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड मुदित लटौरिया के द्वारा निराकृत ओल्डेस्ट प्रकरणों का प्रतिशत 100 रहा है। इसी प्रकार व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड बरही तरुणेन्द्र प्रताप सिंह, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड विजयराघवगढ़ अनुपम तिवारी, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड नदीम जावेद खान और व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड सोनम शर्मा के द्वारा निराकृत ओल्डेस्ट प्रकरण का प्रतिशत 99 से अधिक रहा।
251 यहां निराकृत हुए प्रकरण
इस वर्ष स्थानांतरित न्यायाधीशगण विशेष न्यायाधीश एट्रोसिटीज संजीव कुमार पाण्डेय, पंचम जिला न्यायाधीश हेमंत रघुवंशी, प्रथम जिला न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी, जिला न्यायाधीश सूर्यप्रकाश शर्मा, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड अग्नीन्ध्र कुमार द्विवेदी, व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड अंकिता जैन और व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड उपमन्यु शुक्ला द्वारा कुल निराकृत ओल्डेस्ट प्रकरणों की संख्या 251 रही है। कुल 2823 ओल्डेस्ट प्रकरणों का निराकरण हुआ है। निराकृत प्रकरणों में जिला न्यायालय, तहसील न्यायालय बरही, विजयराघवगढ़ और ढीमरखेड़ा के अधिवक्ताओं ने भी सहयोग किया।



