मध्यप्रदेश

नीयत साफ और मकसद सही हों तो प्रकृति आपकी मदद किसी न किसी रूप में जरूर करती हैं , असफलता से घबराएं नहीं एक बार और प्रयास करे सफलता जरूर मिलेगी, लक्ष्य को लेकर क्रोधित न हों नाक में आई गुस्सा नाक कटवाने के लिए पर्याप्त होती हैं, जितने समय में आप लक्ष्य से वापस होगे उतने ही कम समय में आप लक्ष्य तक पहुंच जाएंगे 

कलयुग की कलम से राकेश यादव ने

नीयत साफ और मकसद सही हों तो प्रकृति आपकी मदद किसी न किसी रूप में जरूर करती हैं , असफलता से घबराएं नहीं एक बार और प्रयास करे सफलता जरूर मिलेगी, लक्ष्य को लेकर क्रोधित न हों नाक में आई गुस्सा नाक कटवाने के लिए पर्याप्त होती हैं, जितने समय में आप लक्ष्य से वापस होगे उतने ही कम समय में आप लक्ष्य तक पहुंच जाएंगे

कलयुग की कलम ढमरखेड़ा-दैनिक ताजा ख़बर के प्रधान संपादक राहुल पाण्डेय का कहना है कि जब हम किसी लक्ष्य को प्राप्त करने की बात करते हैं, तो उसमें कई बार कठिनाइयाँ आती हैं। हमें असफलता मिल सकती है, लेकिन चिड़िया की तरह हमें बार-बार उड़ान भरनी होती है। अगर चिड़िया अपने पहले प्रयास में ही हार मान लेती, तो कभी भी अपना आशियाना नहीं बना पाती। इंसान का जीवन भी इसी प्रकार से होता है; यहाँ पर प्रयासों की निरंतरता ही सफलता की कुंजी है। चिड़िया का घोंसला एक समय में एक-एक तिनका जोड़कर ही बनता है। उसी प्रकार, हमारी छोटी- छोटी सफलताएँ और असफलताएँ मिलकर हमारी मंजिल की ओर बढ़ने में मदद करती हैं। हर छोटे कदम का अपना महत्व होता है। जब हम छोटे-छोटे प्रयास करते हैं, तो वे मिलकर एक बड़ी सफलता की नींव तैयार करते हैं।जुनून एक ऐसी शक्ति है जो व्यक्ति को अपनी मंजिल की ओर खींचता है। यह एक अटूट विश्वास होता है जो उसे हर परिस्थिति में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। बिना जुनून के, न तो चिड़िया अपना घोंसला बना सकती है और न ही कोई व्यक्ति अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। जुनून ही वह ईंधन है जो हमें जीवन की हर चुनौती से लड़ने के लिए तैयार करता है।

*जुनून और समर्पण*

जब किसी कार्य के प्रति हमारा जुनून गहरा होता है, तो हम उसके लिए हर संभव प्रयास करने के लिए तैयार होते हैं। चिड़िया की तरह, जो अपने घोंसले के निर्माण में हर चुनौती का सामना करती है, हमें भी अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उसी प्रकार का समर्पण और दृढ़ संकल्प दिखाना चाहिए।

 *धैर्य और प्रतीक्षा की कला*

धैर्य एक महत्वपूर्ण गुण है जो हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करता है। चिड़िया घोंसला बनाने के लिए तिनका-तिनका उठाती है, जो एक धीमी और धैर्यपूर्वक प्रक्रिया है। वह जानती है कि एक ही बार में घोंसला नहीं बनेगा। उसी प्रकार, हमारे जीवन में भी कई कार्य ऐसे होते हैं जिन्हें पूरा करने में समय लगता है। हमें धैर्य के साथ अपने प्रयासों को जारी रखना चाहिए, क्योंकि धैर्य ही सफलता की चाबी है।

*धैर्य का फल मीठा होता है*

चिड़िया का धैर्य उस समय रंग लाता है जब वह अपने घोंसले में आराम से बैठती है। वह जानती है कि उसने अपने कठिन परिश्रम और धैर्य से अपने घर का निर्माण किया है। यह उदाहरण हमें सिखाता है कि धैर्य के साथ किए गए प्रयास अंततः सफलता की ओर ले जाते हैं।

 *प्रेरणा और उम्मीद का स्रोत*

चिड़िया का अपने घोंसले का निर्माण हमें सिखाता है कि कभी हार नहीं माननी चाहिए। यह जीवन की कठिनाइयों के बीच भी हमें उम्मीद और प्रेरणा का संदेश देता है। जब चिड़िया बार-बार उड़ान भरती है और तिनका-तिनका जोड़ती है, तो वह हमें यह सिखाती है कि हमें भी जीवन की चुनौतियों का सामना करते रहना चाहिए।

*अपनों से प्रेरणा*

प्रेरणा हमारे आसपास की चीजों से भी मिलती है। हमें अपनी जिंदगी में उन लोगों से प्रेरणा लेनी चाहिए जो अपने जीवन में कठिनाइयों का सामना कर चुके हैं और सफलता प्राप्त कर चुके हैं। उनकी कहानियाँ हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।

 *संघर्षों से घबराएं नहीं उसका स्वागत करें*

जीवन में संघर्ष एक अपरिहार्य हिस्सा है। चिड़िया का घोंसला बनाने का संघर्ष हमें यह सिखाता है कि हमें अपने संघर्षों का स्वागत करना चाहिए। संघर्ष हमें मजबूत बनाते हैं और हमें जीवन की कठिनाइयों से निपटने के लिए तैयार करते हैं। यह संघर्ष ही है जो हमें हमारी मंजिल के करीब ले जाता है।

*जीवन में संघर्षों से सीखना चाहिए*

हर संघर्ष में एक सीख छिपी होती है। जब हम जीवन के संघर्षों का सामना करते हैं, तो हमें उनसे सीखना चाहिए। चिड़िया जब तिनका उठाती है, तो उसे हर बार एक नया अनुभव मिलता है। उसी प्रकार, हमें भी अपने संघर्षों से सीखना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए।

 *प्रतिकूल परिस्थितियों में आगे बढ़ना*

चिड़िया का उदाहरण यह भी सिखाता है कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी हमें अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए। चिड़िया तूफान और बारिश के बावजूद भी अपना घोंसला बनाती है। उसे पता होता है कि मंजिल तक पहुँचने के लिए ये चुनौतियाँ आना स्वाभाविक हैं। हमारे जीवन में भी, हमें हर कठिन परिस्थिति का सामना करना चाहिए और अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहना चाहिए।

*हौसले की अहमियत*

विपरीत परिस्थितियों में हौसला ही सबसे बड़ा साथी होता है। अगर हौसला मजबूत हो, तो कोई भी बाधा हमें हमारे लक्ष्य से नहीं रोक सकती। हमें अपने हौसले को कभी टूटने नहीं देना चाहिए, चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों।

 *लक्ष्य की प्राप्ति का आनंद*

अंत में, जब चिड़िया अपना घोंसला पूरा कर लेती है, तो उसे एक संतोष और सुख की अनुभूति होती है। यह वह आनंद है जो केवल कठोर परिश्रम और संघर्ष के बाद मिलता है। जीवन में किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने का आनंद तब ही मिलता है जब हम उसे कठिनाइयों और संघर्षों के बाद प्राप्त करते हैं।

*मेहनत, सफलता का जश्न मनाने पर मजबूर करता है*

सफलता का वास्तविक आनंद तभी आता है जब हम उसकी कदर करते हैं। चिड़िया की तरह, हमें भी अपनी सफलता का जश्न मनाना चाहिए और उसके महत्व को समझना चाहिए।चिड़िया के घोंसला बनाने के उदाहरण से हमें यह सीखने को मिलता है कि मंजिलें यूँ ही नहीं मिलतीं; उन्हें प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत, जुनून, धैर्य, और हौसला चाहिए। हर छोटा प्रयास एक बड़े सपने की ओर ले जाता है। हमें जीवन में कभी हार नहीं माननी चाहिए और हर चुनौती का सामना करते हुए अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए।

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