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पुराने कुएं में हो सकती है जहरीली गैस उतरने से करें परहेज कलेक्टर श्री यादव ने कहा -जान जोखिम में न डालें,बरतें सावधानी कलेक्टर श्री यादव की आम नागरिकों से की अपील मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी की एडवाइजरी

कलयुग की कलम से राकेश यादव

पुराने कुएं में हो सकती है जहरीली गैस उतरने से करें परहेज कलेक्टर श्री यादव ने कहा -जान जोखिम में न डालें,बरतें सावधानी कलेक्टर श्री यादव की आम नागरिकों से की अपील मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी की एडवाइजरी

कलयुग की कलम कटनी -पुराने कुएं में जहरीली गैसों की वजह से कुएं के अंदर जाने से लोगों की दर्दनाक मृत्यु की हृदय विदारक घटना के हुए कई दुखद मामलों के मद्देनजर नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुये कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव ने लोगों से कुएं में उतरने के पहले सावधानी और सतर्कता बरतने की अपील की है। इस संबंध में मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एडवाइजरी जारी की है।

जनसामान्य के लिए जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि यदि फसलों की सिंचाई के लिए मोटर पंप को कुएं के नीचे तक उतारने, मोटर पंप को सुधारने या अन्य कारणों से किसी को कुएं में उतरना जरूरी है तो, कुएं में उतरने से पहले उसमें जहरीली गैस की जांच अवश्य कर लें। इसके बाद ही कुएं में उतरें।

 *जहरीली गैसों के संपर्क में आना*: 

पुराने कुएं में अवशिष्टों की सड़न से हाइड्रोजन सल्फाइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड जैसी खतरनाक गैसें बन जाती हैं।इनकी उपस्थिति कुएं के भीतर बेहोशी, घुटन और मृत्यु का कारण बन सकती है।

 *ऑक्सीजन की कमी*:

सीमित स्थान में ऑक्सीजन का स्तर कम होने से सांस लेने में तकलीफ और बेहोशी हो सकती है।

*पानी का अचानक भर जाना*

बचाव की स्थिति (बचाव के लिए उठाए जाने वाले कदम): कुएँ में उतरने के पहले लालटेन रस्सी से नीचे डालें यदि लालटेन बुझ जाती है, तो वहाँ पर ऑक्सीजन की कमी है, और वहां ज़हरीली गैस हैं। इसलिए कुएँ के अंदर ना उतरें ,यदि कोई व्यक्ति सूखे कुएं में दुर्घटना का शिकार हो जाता है, तो बचाव की स्थिति में तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।

*तत्काल कार्रवाई और सुरक्षा*

अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें, बिना उचित प्रशिक्षण और सुरक्षा उपकरणों के कुएं में उतरने का प्रयास न करें। इससे आप भी खतरे में पड़ सकते हैं। तत्काल मदद के लिए कॉल करें: तुरंत आपातकालीन सेवाओं (जैसे पुलिस, अग्निशमन दल, बचाव दल) को सूचित करें। उन्हें दुर्घटना का स्थान और स्थिति की जानकारी दें। क्षेत्र को सुरक्षित करें: कुएं के आसपास के क्षेत्र को खाली कराएं ताकि अन्य लोग खतरे में न पड़ें।

*मूल्यांकन और योजना*

स्थिति का आकलन करें: यदि संभव हो, तो दूर से या सुरक्षित दूरी से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की स्थिति का आकलन करें (चेतना, सांस लेना, चोटें)। बचाव योजना बनाएं, होमगार्ड ,एस डीईआरएफ, जैसी आपातकालीन सेवाओं के पहुंचने पर, उनके साथ मिलकर एक सुरक्षित और प्रभावी बचाव योजना तैयार करें।

*बचाव कार्य*

प्रशिक्षित बचाव दल: बचाव कार्य केवल प्रशिक्षित और उचित उपकरणों से लैस बचाव दल द्वारा ही किया जाना चाहिए। सुरक्षा उपकरण: बचाव दल को उचित व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई), श्वास सुरक्षा उपकरण, हार्नेस, रस्सियां और अन्य आवश्यक उपकरणों का उपयोग करना चाहिए। 

 *वायुमंडलीय निगरानी*

यदि संभव हो, तो कुएं के अंदर के वायुमंडल की निगरानी करें ,ताकि खतरनाक गैसों या ऑक्सीजन की कमी का पता चल सके। 

*सुरक्षित निष्कर्षण*: 

दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को सुरक्षित रूप से कुएं से बाहर निकालने के लिए उचित तकनीकों का उपयोग करें। इसमें रस्सियों, स्ट्रेचर या अन्य बचाव उपकरणों का उपयोग शामिल हो सकता है।

*प्राथमिक चिकित्सा और चिकित्सा सहायता*

तत्काल प्राथमिक चिकित्सा, कुएं से निकालने के बाद दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को तुरंत प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करें। चिकित्सा सहायता: यदि आवश्यक हो, तो उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल ले जाएं।

बचाव के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें धैर्य बनाए रखें

बचाव कार्य में समय लग सकता है। धैर्य बनाए रखें और बचाव दल पर भरोसा रखें। बचाव दल के निर्देशों का पालन करें: बचाव दल के सदस्यों के निर्देशों का सख्ती से पालन करें। अनावश्यक जोखिम न लें: अपनी जान जोखिम में डालकर बचाव करने का प्रयास न करें।पुराने कुएं में दुर्घटना होने पर सबसे महत्वपूर्ण कदम तत्काल आपातकालीन सेवाओं को बुलाना और प्रशिक्षित बचाव दल की प्रतीक्षा करना है। अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देना और बचाव दल के निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण है ताकि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को सुरक्षित रूप से बचाया जा सकें।

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