उमरिया- मध्यप्रदेश के एक अफसर ने गजब की दबंगई दिखाई। इस अफसर ने अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए 4 कर्मचारियों को सीधे जेल भिजवा दिया। प्रदेश के उमरिया में जिला पंचायत सीईओ CEO ने यह कार्रवाई की। उन्होंने अपने जिले के पंचायत सचिवों को एक माह की जेल की सजा सुनाई। जिला पंचायत सीईओ ने यह कार्रवाई सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी करने पर की। चारों पंचायत सचिवों ने बिना काम के ही सरकारी खजाने से हजारों रुपए निकाल लिए थे। जानकारी मिलते ही पहले नोटिस दिया गया और फिर जिला पंचायत सीईओ ने सजा भी सुना दी। प्रदेश में संभवत: पहली बार इतनी सख्त कार्रवाई की गई है। उमरिया जिला पंचायत सीईओ की कार्रवाई के बाद प्रदेशभर में पंचायत स्तर पर हड़कंप सा मच गया है।
उमरिया जिले के जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी यानि सीईओ अभय सिंह ओहरिया ने सरकारी पैसे के दुरुपयोग के केस में ऐसी कार्रवाई की जोकि मिसाल के रूप में देखी जा रही है। उन्होंने चार पंचायत सचिवों को एक माह की जेल की सजा सुनाई। सभी पंचायत सचिवों पर सरकारी योजनाओं के पैसे आहरण करने का आरोप था। जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह ओहरिया ने न केवल अपने न्यायालय में पंचायत सचिवों को सजा सुनाई बल्कि उन्हें सीधे जेल भेज भी दिया।
इस मामले में जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह ने बताया कि पंचायत सचिवों ने पंचायत में कमा कराए बिना ही पैसे निकाल लिए थे। चारों सचिव नियमों के अनुरूप काम नहीं कर रहे थे। सभी आरोपी पंचायत सचिवों को बाकायदा नोटिस भी दिया गया था। इसके बाद उन्हें सजा सुनाई गई।
उमरिया जिला पंचायत के जिन पंचायत सचिवों को जेल भेजा गया है उनमें पंचायत सचिव संतोष राय, कल्याण सिंह, सुभाष चंद्र और मानसिंह शामिल हैं। विभिन्न निर्माण कार्यों के नाम पर काम कराए बिना पैसे आहरण करने के मामले में ये बड़ी कार्रवाई की गई है।