जल है तो कल है: सनकुई में एनएसएस शिविर के चौथे दिन गूंजा जल संरक्षण का संदेश
कलयुग की कलम से राकेश यादव

जल है तो कल है: सनकुई में एनएसएस शिविर के चौथे दिन गूंजा जल संरक्षण का संदेश
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा शासकीय प्राथमिक विद्यालय सनकुई, तहसील ढीमरखेड़ा में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन जल संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम प्रभारी प्राचार्य डॉ. बृजलाल अहिरवार के मार्गदर्शन तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार नागवंशी के नेतृत्व में संपन्न हुआ। दलनायक अभिषेक कुमार एवं उपदलनायक दीनदयाल चक्रवर्ती ने गतिविधियों का संचालन किया।

प्रभात फेरी और रैली से दिया संदेश
स्वयंसेवकों ने प्रातःकाल प्रभात फेरी निकालकर व्यायाम, प्राणायाम, योगासन एवं परेड का अभ्यास किया। इसके पश्चात जल संरक्षण विषय पर जागरूकता रैली निकालकर गांव में भ्रमण किया।
रैली के दौरान गूंजे नारे—“जब न होगा पीने का नीर, तब सब करेंगे विचार गंभीर”“जल संरक्षण करो, जीवन को संरक्षित रखो “जल ही जीवन है — जल है तो कल है”


चौपाल में ग्रामीणों से संवाद
रैली के बाद स्वयंसेवकों ने गांव की चौपाल में एकत्रित होकर ग्रामीणों से जल संरक्षण के महत्व पर चर्चा की तथा सभी को जल बचाने की शपथ दिलाई। पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम में सचिव श्री गुमान सिंह बागरी, सहायक सचिव श्री रजा मोहम्मद साहनी, श्री आनंद कुर्मी, पत्रकार श्री राहुल पांडे, श्रीमती उमा नामदेव, श्रीमती रोशनी लोधी एवं श्रीमती उमा दर्जी सहित ग्रामवासियों ने भाग लेकर जल संरक्षण का संकल्प लिया।
बौद्धिक सत्र में वित्तीय साक्षरता पर मार्गदर्शन
बौद्धिक सत्र में भारतीय जीवन बीमा निगम की अभिकर्ता श्रीमती सुनीता विश्वकर्मा ने वित्तीय साक्षरता विषय पर अपने विचार रखते हुए स्वयंसेवकों को धन की सुरक्षा, बचत की आदत एवं भविष्य की आर्थिक योजना बनाने के उपायों से अवगत कराया।
समाज जागरूकता की दिशा में सार्थक पहल
एनएसएस शिविर के माध्यम से स्वयंसेवकों द्वारा जल संरक्षण, स्वास्थ्य, अनुशासन एवं वित्तीय जागरूकता जैसे विषयों पर ग्रामीणों को प्रेरित किया जा रहा है। यह शिविर न केवल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक है, बल्कि ग्रामीण समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश भी दे रहा है।



