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सामाजिक चेतना का संदेश देकर NSS शिविर का भव्य समापन दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूकता रैली, योग-व्यायाम और जनसेवा से विद्यार्थियों ने जीता ग्रामीणों का दिल

कलयुग की कलम से राकेश यादव

सामाजिक चेतना का संदेश देकर NSS शिविर का भव्य समापन दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूकता रैली, योग-व्यायाम और जनसेवा से विद्यार्थियों ने जीता ग्रामीणों का दिल

कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा -शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन ग्राम सनकुई में उत्साह और सामाजिक संदेशों के साथ संपन्न हुआ। शिविर ने न केवल विद्यार्थियों को सेवा, अनुशासन और नेतृत्व का पाठ पढ़ाया, बल्कि ग्रामीणों में भी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूकता का संदेश फैलाया।

शिविर का आयोजन प्रभारी प्राचार्य डॉ. बृजलाल अहिरवार के मार्गदर्शन तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार नागवंशी के निर्देशन में किया गया। दलनायक अभिषेक कुमार एवं उप-दलनायक दीनदयाल चक्रवर्ती के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने सात दिनों तक ग्राम सनकुई, तहसील ढीमरखेड़ा में विभिन्न जनसेवा गतिविधियाँ संचालित कीं।

प्रभात फेरी से दहेज प्रथा विरोध तक

सातवें दिन की शुरुआत प्रभात फेरी, योग एवं व्यायाम अभ्यास से हुई। इसके पश्चात स्वयंसेवकों ने दहेज प्रथा के विरुद्ध नारों के साथ जन-जागरण रैली निकाली। गांव में भ्रमण कर ग्रामीणों से संवाद किया गया और दहेज जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने का आग्रह किया गया। विद्यार्थियों के इस प्रयास को ग्रामीणों ने सराहा और सामाजिक परिवर्तन में सहयोग का आश्वासन दिया।

समापन समारोह में अतिथियों का सम्मान

समापन कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन, वंदन एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। दीनदयाल चक्रवर्ती एवं प्रियंका कुम्हार ने अतिथियों का NSS बैज एवं तिलक लगाकर स्वागत किया।

प्रभारी प्राचार्य के रूप में उपस्थित डॉ. राजाराम सिंह ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना नागरिक समाज को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है, जो लोकतंत्र की जड़ों को सुदृढ़ करता है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को सेवा भावना बनाए रखने की प्रेरणा दी।

डॉ. हर्षित द्विवेदी ने NSS के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। ग्राम रोजगार सचिव मोहम्मद राजा साहनी ने सात दिनों की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि NSS से जुड़कर विद्यार्थी अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ सीखते हैं।

स्वयंसेवकों ने साझा किए अनुभव

अंजलि पटेल ने शिविर के उद्देश्य और लक्ष्य प्रस्तुत किए, जबकि चंद्रमुखी बर्मन एवं प्रिया अहीर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस शिविर ने उन्हें समाज की वास्तविक समस्याओं को समझने और समाधान के लिए आगे आने की प्रेरणा दी।

प्रमाण-पत्र वितरण एवं व्यापक सहभागिता

कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा सभी शिविरार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर सरपंच श्रीमती माया बाई लोधी, सचिव गुमान सिंह बागरी, प्रधान अध्यापक सुशील कुमार चौधरी, सहायक अध्यापकगण, महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

सफल आयोजन में इनका रहा विशेष योगदान

शिविर को सफल बनाने में दलनायक अभिषेक कुमार, रेशमा पटेल, शिवानी विश्वकर्मा, प्रभु दयाल बर्मन, रघुनंदन यादव, देव विश्वास, आदर्श त्रिपाठी, चंद्र कुमार, अरविंद लोनी, अर्पित असाटी, राधा पटेल, सरस्वती लोधी एवं पायल लोधी सहित अनेक स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा।

कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन डॉ. कृष्ण कुमार नागवंशी ने किया।

सेवा, संस्कार और सामाजिक परिवर्तन का संदेश

सात दिवसीय विशेष शिविर ने यह सिद्ध कर दिया कि युवा शक्ति यदि संकल्पित हो, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। विद्यार्थियों द्वारा दिया गया दहेज विरोध, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता का संदेश लंबे समय तक ग्रामीणों को प्रेरित करता रहेगा।

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