प्रशासनमध्यप्रदेश

जल जीवन मिशन समीक्षा बैठक में अनधिकृत रूप से बिना अवकाश स्वीकृत के अनुपस्थित रहने पर ढीमरखेडा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत हरदी सचिव गोपाल सिंह ध्रुवे निलंबित

कलयुग की कलम से सोनू त्रिपाठी

कटनी- लोक सेवकों द्वारा शासकीय कार्यों में स्वेच्छा चारिता,लापरवाही एवं उदासीनता बरतने पर जिला पंचायत के सीईओ श्री शिशिर गेमावत द्वारा पैनी नज़र रखी जाकर कड़ी कार्रवाई तो वहीं दूसरी ओर बेहतर और उत्कृष्ट कार्य करने वाले शासकीय सेवकों को शाबाशी दी जा कर हौसला अफजाई की जा रही है। जिला पंचायत के सीईओ श्री गेमावत ने जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायत हरदी के सचिव गोपाल सिंह धुर्वे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए निलंबन अवधि में मुख्यालय जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा नियत किया है। निलंबन अवधि में श्री धुर्वे को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

यह है मामला

आपको बता दें कि शुक्रवार, 29 नवंबर को जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव एवं जिला पंचायत के सीईओ श्री गेमावत तथा जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में आयोजित हुई थी। समीक्षा बैठक में ग्राम पंचायत हरदी के सचिव श्री धुर्वे अनधिकृत रूप से बिना अवकाश स्वीकृति के बैठक से अनुपस्थित रहे। इस कारण ग्राम पंचायत हरदी की समीक्षा नहीं हो सकी थी। फलस्वरुप जिला पंचायत के सीईओ ने शासकीय कार्य में घोर लापरवाही, स्वेच्छा चारिता और कदाचरण पाए जाने के कारण मध्य प्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के नियम 4 में निहित प्रावधानों के तहत हरदी सचिव के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की। निलंबन की कार्रवाई कर जिला पंचायत सीईओ श्री गेमावत ने शासकीय सेवकों को स्पष्ट संकेत दिया है कि लापरवाह कर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा।

सात दिवस में प्रस्तुत करें आरोप पत्र

जिला पंचायत के सीईओ श्री गेमावत ने उक्त प्रकरण के संबंध में जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करते हुए, खंड पंचायत अधिकारी के द्वारा आरोप पत्र आदि तैयार कर सात दिवस के अंदर कार्यालय में प्रस्तुत किए जाने हेतु निर्देशित किया है।

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