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होली के रंगों संग आत्मनिर्भरता की उड़ान रीठी में दो दिवसीय आजीविका उत्पाद मेले ने जीता लोगों का दिल

कलयुग की कलम से राकेश यादव

 होली के रंगों संग आत्मनिर्भरता की उड़ान रीठी में दो दिवसीय आजीविका उत्पाद मेले ने जीता लोगों का दिल

कलयुग की कलम रीठी -जिले में महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल के तहत विकासखंड रीठी में “होली के रंग, आजीविका के संग” थीम पर दो दिवसीय आजीविका उत्पाद मेले का सफल आयोजन 25 एवं 26 फरवरी को ग्राम पंचायत भवन परिसर में किया गया। मेले में स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार गौकाष्ठ, गोबर उत्पाद, जैविक सब्जियां, हस्तशिल्प एवं घरेलू उपयोग की वस्तुओं ने स्थानीय नागरिकों को विशेष रूप से आकर्षित किया।

कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर आशीष तिवारी एवं जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर के निर्देश तथा जिला परियोजना प्रबंधक एनआरएलएम शबाना बेगम के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा किया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना है।

 स्थानीय उत्पादों की रही भरपूर मांग

मेले में विभिन्न संकुल स्तरीय संघों (CLF) द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी सह विक्रय किया गया, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे—ज्योति सीएलएफ, बड़गांव – लाख की चूड़ियां, धनिया, गोबर उत्पाद तिघराकला समूह – चावल एवं सरसों महिला शक्ति सीएलएफ, जमुनिया (गौशाला) – गौकाष्ठ, गोबर से बने उपयोगी उत्पाद नौवापटी समूह – जैविक सब्जियां एवं फल दुर्गा सीएलएफ, बिलहरी – पत्थर एवं मिट्टी की मूर्तियां, हैंगर एकता सीएलएफ, हरद्वारा – बड़ी, पापड़, नमकीन, सब्जियां, फल, फ्लावर ज्वेलरी इन उत्पादों की गुणवत्ता और उपयोगिता ने आगंतुकों को प्रभावित किया, जिससे विक्रय भी उत्साहजनक रहा।

 महिलाओं में बढ़ा आत्मविश्वास

मेले में अपने समूहों के उत्पाद बेचने आई महिलाओं ने बताया कि उन्हें प्रशिक्षण, क्षमता विकास और विपणन के अवसर मिलने से आय के नए रास्ते खुल रहे हैं। खरीदारों से मिल रही प्रशंसा ने उनके आत्मविश्वास को नई ऊर्जा दी है।

 जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की रही सक्रिय सहभागिता

मेले में नायब तहसीलदार, एसबीआई रीठी के शाखा प्रबंधक, फील्ड ऑफिसर, सरपंच, सचिव, जनप्रतिनिधि एवं पत्रकारों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता कर उत्पादों की खरीदारी की और महिलाओं का उत्साहवर्धन किया।

 आयोजन में इनका रहा विशेष योगदान

कार्यक्रम की सफलता में विकासखंड प्रबंधक राजेश पांडेय, सहायक विकासखंड प्रबंधक देवेंद्र कुमार जैन, मथुरा प्रसाद, जानकी शरण शिवहरे, कल्लू प्रसाद यादव, पुष्पेंद्र कुमार सेन सहित अर्चना लोधी, ज्योति लोधी, उर्मिला लोधी, क्रांति तिवारी, सरिता सिंह, सीमा सिंह, ममता सिंह, आशाबाई एवं तरुण बाई का विशेष सहयोग रहा।

 आत्मनिर्भर गांव की ओर मजबूत कदम

यह मेला केवल बिक्री का मंच नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास, कौशल और स्वावलंबन का उत्सव बनकर उभरा। “होली के रंग, आजीविका के संग” अभियान ने यह साबित कर दिया कि जब अवसर और समर्थन मिलता है, तो ग्रामीण महिलाएं आर्थिक परिवर्तन की सशक्त वाहक बन सकती हैं।

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