बिजली कटौती पर फूटा गुस्सा: किसानों का सरौली पावर हाउस घेराव, 10 घंटे नियमित सप्लाई की मांग
कलयुग की कलम से राकेश यादव

बिजली कटौती पर फूटा गुस्सा: किसानों का सरौली पावर हाउस घेराव, 10 घंटे नियमित सप्लाई की मांग
कलयुग की कलम मझगवां – कृषि कार्यों के बीच हो रही अघोषित बिजली कटौती से परेशान किसानों का आक्रोश मंगलवार को खुलकर सामने आया। सरौली–मझगवां पावर हाउस क्षेत्र के ग्रामीणों ने अखिल भारतीय ओबीसी महासभा, ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा एवं समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन करते हुए विद्युत मंडल सरौली का घेराव किया और ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष ओबीसी जितेंद्र कुमार कुर्मी ने किया। किसानों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लगातार हो रही अंधाधुंध बिजली कटौती से सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे फसलें खराब होने का खतरा बढ़ गया है।

किसानों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने विद्युत विभाग के सामने कई अहम मांगें रखीं—कृषि के लिए रोजाना कम से कम 10 घंटे नियमित बिजली सप्लाई दी जाए अघोषित कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए लाइन खराब होने पर बंद की गई बिजली की भरपाई (कवर) की जाए ओवरलोड ट्रांसफार्मरों को बदलकर अधिक क्षमता वाले ट्रांसफार्मर लगाए जाएं ट्रांसफार्मर खराब होने पर 24 घंटे के भीतर नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाए
आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो सरौली बिजली कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।
इस दौरान जिला उपाध्यक्ष विनोद पटेल, किसान मोर्चा ब्लॉक अध्यक्ष संतकुमार पटेल, युवा मोर्चा अध्यक्ष सुनील विश्वकर्मा, ब्लॉक सचिव उमेश पटेल सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि बिजली समस्या को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में असंतोष बढ़ता जा रहा है, जिसे नजरअंदाज करना प्रशासन के लिए भारी पड़ सकता है।



