संवेदनशील प्रशासन की मिसाल: ढीमरखेड़ा जनसुनवाई में कलेक्टर तिवारी ने 70 आवेदकों की समस्याएं सुनकर दिए त्वरित समाधान के निर्देश कलेक्टर श्री तिवारी के नेतृत्व में जिला प्रशासन जनसमस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील दिखा
कलयुग की कलम से राकेश यादव

संवेदनशील प्रशासन की मिसाल: ढीमरखेड़ा जनसुनवाई में कलेक्टर तिवारी ने 70 आवेदकों की समस्याएं सुनकर दिए त्वरित समाधान के निर्देश कलेक्टर श्री तिवारी के नेतृत्व में जिला प्रशासन जनसमस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील दिखा,
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा -आमजन को संवेदनशील, पारदर्शी और जनोन्मुखी प्रशासन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने विकासखंड ढीमरखेड़ा में आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में स्वयं उपस्थित होकर 70 आवेदकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने प्रत्येक आवेदक की बात को धैर्यपूर्वक सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित और प्रभावी निराकरण के स्पष्ट निर्देश दिए। कलेक्टर की इस सक्रियता और संवेदनशीलता से जनसुनवाई में पहुंचे लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास और संतोष का भाव देखने को मिला।

जनसुनवाई के अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा तथा जिला पंचायत सीईओ एवं प्रभारी निगमायुक्त श्रीमती हरसिमरनप्रीत कौर भी मौजूद रहीं। अधिकारियों की सामूहिक उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि जिला प्रशासन आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी गंभीरता से प्रतिबद्ध है।
दुर्घटना में घायल मजदूर को मिला राहत का भरोसा
जनसुनवाई में ग्राम कटरा, थाना एवं तहसील ढीमरखेड़ा निवासी वीरन सिंह पिता सैतान सिंह ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि 11 दिसंबर 2025 को मजदूरी से लौटते समय ग्राम झिन्ना पिपरिया के पास एक कार की टक्कर से उनका हाथ फ्रैक्चर हो गया। कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वे समुचित इलाज कराने में असमर्थ हैं। कलेक्टर श्री तिवारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वस्त किया कि जिला चिकित्सालय में उनका समुचित और बेहतर उपचार कराया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवेदक जब भी आए, तत्काल आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर के इस मानवीय दृष्टिकोण से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली।
लापरवाह पटवारी पर सख्त रुख
ग्राम मुरवारी निवासी अजय कुमार पटेल ने जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई कि तत्कालीन पटवारी रामनाथ बुनकर द्वारा बार-बार संपर्क के बावजूद फार्मर आईडी, बटांकन और खसरा अभिलेख में सुधार जैसे आवश्यक कार्य नहीं किए जा रहे हैं। शिकायत पर कलेक्टर श्री तिवारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए तहसीलदार श्री नितिन पटेल को संबंधित पटवारी की वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर के इस सख्त निर्णय से यह स्पष्ट संदेश गया कि कार्य में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दिव्यांग को ट्राइसाइकिल दिलाने के निर्देश
जनसुनवाई में ग्राम खंदवारा निवासी दिव्यांग रविंद्र सिंह ने मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल की आवश्यकता बताई। कलेक्टर ने नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि मेडिकल बोर्ड द्वारा 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता प्रमाणित होने पर ही मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की जाती है। साथ ही उन्होंने उप संचालक सामाजिक न्याय को निर्देश दिए कि दिव्यांग का शीघ्र स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पात्र होने पर उन्हें लाभ मिल सके।
कलेक्टर ने खुद लिखा मोबाइल नंबर, बढ़ाया भरोसा
भूमि पर कब्जा दिलाने की समस्या लेकर जनसुनवाई में पहुंची ग्राम पाली निवासी उषा बाई को कलेक्टर श्री तिवारी ने नायब तहसीलदार न्यायालय में अपील करने की सलाह दी। इसके साथ ही किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर सीधे संपर्क के लिए उन्होंने स्वयं लिखकर अपना मोबाइल नंबर आवेदिका को दिया। कलेक्टर के इस कदम की जनसुनवाई में मौजूद लोगों ने मुक्तकंठ से सराहना की और इसे संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण बताया।
जनसुनवाई में एसडीएम ढीमरखेड़ा श्रीमती निधि सिंह गोहल, तहसीलदार द्वय श्री नितिन पटेल एवं श्रीमती आकांक्षा चौरसिया, जनपद पंचायत सीईओ श्री यजुवेंद्र कोरी, बीएमओ डॉ. बी.के. प्रसाद सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्ट्रेट में भी सुनी गईं समस्याएं
इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्री नीलांबर मिश्रा ने 119 आवेदकों की समस्याएं सुनीं। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्री जितेंद्र पटेल, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती ज्योति लिल्हारे एवं श्रीमती विंकी सिंहमारे उईके मौजूद रहीं।



