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शिक्षा ही सबसे बड़ी ताकत: ढीमरखेड़ा के रामपुर में विधिक साक्षरता शिविर, ग्रामीणों को मिला जागरूकता का संदेश

कलयुग की कलम से राकेश यादव

शिक्षा ही सबसे बड़ी ताकत: ढीमरखेड़ा के रामपुर में विधिक साक्षरता शिविर, ग्रामीणों को मिला जागरूकता का संदेश

कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार अध्यक्ष, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जितेन्द्र कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में ढीमरखेड़ा के ग्राम पंचायत रामपुर में 25 मार्च 2026 को विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में माननीय न्यायाधीश श्री पूर्वी तिवारी ने ग्रामीण महिलाओं एवं पुरुषों को शिक्षा के महत्व और उसके जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

शिविर में न्यायाधीश महोदय ने सरल और सहज भाषा में समझाया कि आज के समय में शिक्षा केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को बेहतर बनाने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि आज रोजगार के लिए बड़े-बड़े उद्योग, कंपनियां और व्यापारिक संस्थान मौजूद हैं, जहां कार्य करने के लिए शिक्षित होना अत्यंत आवश्यक है। अशिक्षित व्यक्ति को न तो बेहतर अवसर मिल पाते हैं और न ही वह अपने कार्य को पूरी दक्षता से कर पाता है।

उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि यदि व्यक्ति शिक्षित है तो वह किसी भी राज्य या क्षेत्र में जाकर आत्मविश्वास के साथ काम कर सकता है और अपने जीवन को बेहतर बना सकता है। वहीं शिक्षा के अभाव में व्यक्ति सीमित अवसरों तक ही सिमट कर रह जाता है।

विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा पर जोर देते हुए न्यायाधीश महोदय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर बेटियों की पढ़ाई को नजरअंदाज कर दिया जाता है और कम उम्र में ही उनका विवाह कर दिया जाता है, जिससे उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बेटा-बेटी में भेदभाव किए बिना दोनों को समान रूप से शिक्षा दिलाएं।

शिविर में उपस्थित लोगों को यह भी बताया गया कि शिक्षा के माध्यम से न केवल व्यक्ति का विकास होता है, बल्कि समाज भी जागरूक और सशक्त बनता है। ग्रामीणों ने इस दौरान बड़ी रुचि के साथ जानकारी सुनी और शिक्षा को अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री राजेश प्यासी, श्री अवधेश असाटी, श्री जय किशोर शुक्ला सहित आदेश तामीलकर्ता भी उपस्थित रहे। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को विधिक जानकारी के साथ-साथ शिक्षा के प्रति जागरूक करना रहा, जो सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ।

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