प्रशासनमध्यप्रदेश

दुग्ध उत्पादन बढ़ाने घर-घर पहुंचा विभाग, जारी है दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान का द्वितीय चरण

कलयुग की कलम से राकेश यादव

दुग्ध उत्पादन बढ़ाने घर-घर पहुंचा विभाग, जारी है दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान का द्वितीय चरण

कलयुग की कलम कटनी -जिले में पशुपालकों और किसानों की आय बढ़ाने तथा दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान का द्वितीय चरण प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देशानुसार विभागीय अधिकारी-कर्मचारी गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर पशुपालकों से सीधा संवाद कर रहे हैं।

अभियान के अंतर्गत पशुपालकों को पशु पोषण, नस्ल सुधार एवं पशु स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं। कलेक्टर ने इस अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि अधिक से अधिक पशुपालकों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।

गांवों तक पहुंचा विभागीय अमला

द्वितीय चरण में जिले के सभी गांवों में दुधारू पशु पालने वाले पशुपालकों से प्रत्यक्ष संपर्क किया जा रहा है। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रत्येक विकासखंड से एक-एक पशु चिकित्सक को राज्य स्तर पर मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है।

यह प्रशिक्षण मल्टीमॉडल एवं गतिविधि आधारित है, जिसमें पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य और नस्ल सुधार के तीनों महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है। प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा कटनी जिला मुख्यालय एवं विकासखंड स्तर पर सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, मैत्री एवं गोसेवकों को भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

अभियान के तहत द्वितीय चरण में 5 से 9 गौवंश एवं भैंसवंश रखने वाले पशुपालकों के घर जाकर विभागीय अमले द्वारा भेंट की जा रही है और उन्हें वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

दुग्ध समिति गठन पर दिया जोर

उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विकास डॉ. आर.के. सोनी ने विकासखंड बड़वारा के ग्राम देवरी में पशुपालकों से संपर्क कर संवाद किया। इस दौरान यह तथ्य सामने आया कि दूध के उचित खरीददार न होने के कारण पशुपालकों को दूध 25 से 30 रुपये प्रति लीटर की कम दर पर बेचना पड़ रहा है, जिससे पशुपालन के प्रति लोगों का रुझान घट रहा है।

डॉ. सोनी ने पशुपालकों को दुग्ध समिति के गठन और उससे होने वाले आर्थिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी। समिति बनने से दूध का उचित मूल्य मिलने, विपणन की समस्या दूर होने और पशुपालकों की आय बढ़ने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इस पर ग्राम देवरी के पशुपालकों ने दुग्ध समिति के गठन के लिए सहमति व्यक्त की।

Related Articles

Back to top button