निजी उर्वरक विक्रय संस्थानों पर कड़ी नजर, फसल रकबा बढ़ाने के दिए निर्देश मटर, सरसों व हाई वैल्यू क्रॉप को मिलेगा बढ़ावा, योजनाओं की प्रगति पर कलेक्टर सख्त
कलयुग की कलम से राकेश यादव

निजी उर्वरक विक्रय संस्थानों पर कड़ी नजर, फसल रकबा बढ़ाने के दिए निर्देश मटर, सरसों व हाई वैल्यू क्रॉप को मिलेगा बढ़ावा, योजनाओं की प्रगति पर कलेक्टर सख्त
कलयुग की कलम कटनी –जिले में कृषि व्यवस्था को सुदृढ़ करने और किसानों को अधिक लाभ दिलाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की। शुक्रवार को आयोजित इस बैठक में उन्होंने निजी उर्वरक विक्रय संस्थानों का सतत निरीक्षण सुनिश्चित करने, फसल अवशेष नरवाई प्रबंधन के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा किसानों को हैप्पी सीडर और सुपर सीडर जैसे आधुनिक कृषि यंत्र अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर भी उपस्थित रहीं।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री तिवारी ने जिले में मटर के क्षेत्राच्छादन को बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर अगले वर्ष तक इसे 5 हजार हेक्टेयर तक ले जाने के निर्देश दिए। वहीं सरसों के अपेक्षाकृत कम रकबे पर असंतोष व्यक्त करते हुए वर्तमान 24 हजार 650 हेक्टेयर से बढ़ाकर 50 हजार हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य तय किया।
उर्वरक उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने ई-विकास प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। सिंचाई क्षेत्र के विस्तार के लिए स्प्रिंकलर के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु विभागीय लक्ष्य से दोगुने आवेदन स्वीकृत कराने पर भी जोर दिया।
उद्यानिकी विभाग की समीक्षा में क्लस्टर निर्माण के तहत रकबा बढ़ाने के निर्देश दिए गए। विभागीय योजनाओं की अच्छी प्रगति और राज्य व संभाग स्तर पर शीर्ष-10 में स्थान मिलने पर कलेक्टर ने संतोष जताते हुए शेष कार्यों को शीघ्र शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री तिवारी ने ढीमरखेड़ा और बड़वारा विकासखंड में चिया, अश्वगंधा, अदरक और हल्दी जैसी हाई वैल्यू फसलों के क्षेत्र विस्तार हेतु किसानों का चयन करने को कहा। जायद में मूंग के स्थान पर उड़द, तिल और मूंगफली की खेती को प्रोत्साहित करने तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी किसान क्रेडिट कार्डधारी कृषकों का फसल बीमा सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही मत्स्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा में मछुआ किसान क्रेडिट कार्ड प्रकरणों के शीघ्र स्वीकृति एवं वितरण, केज कल्चर पद्धति से उत्पादन बढ़ाने और निर्माणाधीन स्मार्ट फिश पार्लरों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।



