सिहोरा में जनसैलाब उबल पड़ा: अस्पताल में भर्ती प्रमोद साहू का आमरण सत्याग्रह जारी, धरना स्थल पर क्रमिक अन्न-सत्याग्रह शुरू — शहर तीसरे दिन भी पूरा बंद
कलयुग की कलम से राकेश यादव

सिहोरा में जनसैलाब उबल पड़ा: अस्पताल में भर्ती प्रमोद साहू का आमरण सत्याग्रह जारी, धरना स्थल पर क्रमिक अन्न-सत्याग्रह शुरू — शहर तीसरे दिन भी पूरा बंद
कलयुग की कलम सिहोरा – जिला बनने की मांग को लेकर सिहोरा का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच चुका है। स्वास्थ्य लगातार गिरने के बावजूद भी प्रमोद साहू ने अस्पताल के बेड से ही आमरण सत्याग्रह जारी रखने का ऐलान कर दिया है। डॉक्टरों की सलाह और प्रशासन की अपील को दरकिनार करते हुए उनका स्पष्ट कहना है—“अन्न-जल नहीं लूंगा… जिला बने बिना यह संकल्प नहीं टूटेगा।”उनकी यह अडिग घोषणा पूरे सिहोरा में आक्रोश की लहर बना चुकी है। अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जुटी है, जबकि धरना स्थल पर आंदोलन नई रूपरेखा में और मजबूत होता जा रहा है।
आज आंदोलनकारियों ने क्रमिक अन्न-सत्याग्रह की भी औपचारिक शुरुआत कर दी, जिसमें चार लोग राजेश कुररिया, रवि गोपाल चौरसिया, संदीप त्रिपाठी और अनंत गिरी महाराज— सत्याग्रह पर बैठे हैं। समिति का कहना है कि यह चरण सिर्फ शुरुआत है, जरूरत पड़ी तो दायरा और बढ़ाया जाएगा।
उधर शहर में जनाक्रोश का असर साफ दिखाई दे रहा है। सिहोरा लगातार तीसरे दिन पूरी तरह बंद रहा। बाज़ार, दुकानों और परिवहन सभी ठप। सड़कों पर सिर्फ नारे, विरोध और जिला न बनने तक संघर्ष की पुकार सुनाई दी। स्थानीय लोग स्पष्ट कह रहे हैं कि यह लड़ाई अब “वापसी” वाली नहीं रह गई है।
लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने मंच से साफ घोषणा की—“प्रमोद साहू का आमरण सत्याग्रह और क्रमिक अन्न-सत्याग्रह तब तक जारी रहेगा, जब तक सिहोरा जिला घोषित नहीं होता — चाहे इसकी कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े।”अस्पताल में संघर्षरत आंदोलनकारी, धरना स्थल पर उबलती भीड़, और शहर में पूर्ण बंद—सिहोरा इस समय अपने सबसे बड़े और निर्णायक जनसंघर्ष की कगार पर खड़ा है।



