ढीमरखेड़ा ग्राम कोठी सेहरा टोला आंगनवाड़ी में लापरवाही पर कलेक्टर का सख्त प्रहार भोजन वितरण में कोताही उजागर, अधिकारी–कर्मचारी नपे,
कलयुग की कलम से राकेश यादव

ढीमरखेड़ा ग्राम कोठी सेहरा टोला आंगनवाड़ी में लापरवाही पर कलेक्टर का सख्त प्रहार भोजन वितरण में कोताही उजागर, अधिकारी–कर्मचारी नपे,
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा -विकासखंड ढीमरखेड़ा के ग्राम कोठी स्थित सेहरा टोला आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को भोजन वितरण के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने तत्काल संयुक्त जांच टीम गठित कर प्रतिवेदन तलब किया और रिपोर्ट के आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर के निर्देश पर परियोजना अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है, वहीं संबंधित सुपरवाइजर के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित करने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को कारण बताओ नोटिस जारी कर मानदेय कटौती के निर्देश भी दिए गए हैं।
इन पर हुई सख्त कार्रवाई
संयुक्त जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर श्री तिवारी ने परियोजना अधिकारी ढीमरखेड़ा श्रीमती आरती यादव को नोटिस जारी करने, आंगनवाड़ी केंद्र सेहरा टोला की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती मीना बैगा एवं सहायिका सुश्री मैना बैगा को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा पूर्व से केंद्र का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहीं ग्राम कोठी की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती सुशीला गोंड की वार्षिक मानदेय वृद्धि रोकने तथा सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती अनीता प्रधान के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित करने के आदेश दिए गए हैं।
मानदेय कटौती के निर्देश
जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मीना बैगा एवं सहायिका मैना बैगा द्वारा उपस्थिति दिवस से केंद्र में नियमित रूप से उपस्थित होकर संचालन प्रारंभ किए जाने तक की अवधि का मानदेय काटा जाए। इस संबंध में परियोजना अधिकारी ढीमरखेड़ा को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
संयुक्त जांच दल में ये रहे शामिल
सेहरा टोला आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को भोजन वितरण एवं भोजन ग्रहण की प्रक्रिया में बरती गई लापरवाही की जांच हेतु गठित संयुक्त दल में वनश्री कुर्वेती, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास), परियोजना अधिकारी ढीमरखेड़ा श्रीमती आरती यादव एवं परियोजना अधिकारी बहोरीबंद श्री सतीश पटेल शामिल रहे।
ग्रामीणों की मौजूदगी में हुई जांच
कलेक्टर के निर्देश पर संयुक्त जांच दल सेहरा टोला आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचा, जहां स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणजनों, संबंधित पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका की उपस्थिति में पूरे प्रकरण की जांच की गई।
जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि नवनियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका निर्धारित दिवस पर केंद्र में उपस्थित नहीं थीं, जिसके कारण बच्चों को भोजन वितरण की स्थिति प्रभावित हुई। इसी लापरवाही को पूरे प्रकरण की जड़ माना गया।
जांच के दौरान स्थानीय नागरिकों ने सेहरा टोला के लिए नवीन आंगनवाड़ी केंद्र की स्वीकृति तथा आंगनवाड़ी भवन का निर्माण विद्यालय परिसर में कराए जाने की मांग भी रखी। इस पर संयुक्त जांच दल द्वारा नियमानुसार शीघ्र आवश्यक कार्यवाही किए जाने का आश्वासन दिया गया।प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि बच्चों के पोषण से किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



