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धान परिवहन में भारी लापरवाही पर कलेक्टर तिवारी सख़्त 23,989 क्विंटल धान पड़ा रहा केंद्र में, परिवहनकर्ता को कारण बताओ नोटिस 3 दिन में जवाब नहीं तो पेनाल्टी और ब्लैकलिस्ट की कार्यवाही तय

कलयुग की कलम से राकेश यादव

धान परिवहन में भारी लापरवाही पर कलेक्टर तिवारी सख़्त 23,989 क्विंटल धान पड़ा रहा केंद्र में, परिवहनकर्ता को कारण बताओ नोटिस 3 दिन में जवाब नहीं तो पेनाल्टी और ब्लैकलिस्ट की कार्यवाही तय

कलयुग की कलम कटनी -धान उपार्जन और परिवहन व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने सख़्त रुख अपनाया है। कटनी ग्रामीण तहसील अंतर्गत संचालित धान उपार्जन केंद्र हीरापुर कौड़िया (कोड 59342186) में लगभग 23 हजार 989 क्विंटल धान परिवहन हेतु शेष पाए जाने पर परिवहनकर्ता मेसर्स जी.आर.सी. ट्रांसपोर्ट सर्विस के संचालक श्री अशोक सलूजा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

कलेक्टर ने नोटिस में तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय में संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर पेनाल्टी और आगामी परिवहन कार्यों से ब्लैकलिस्ट किए जाने की चेतावनी दी गई है।

जांच में खुली लापरवाही की परतें

कलेक्टर श्री तिवारी के निर्देश पर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री यज्ञदत्त त्रिपाठी द्वारा केंद्र की भौतिक जांच कराई गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि उपार्जन केंद्र को 24 दिसंबर 2025 को गोदाम स्तर से समिति स्तरीय किया गया था तथा मध्यप्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम, कटनी द्वारा श्रद्धा वेयरहाउस में परिवहन हेतु ट्रांसपोर्ट ऑर्डर भी जारी किया गया था। इसके बावजूद केंद्र में भारी मात्रा में धान पड़ा रहा।

26 दिनों में लगभग शून्य परिवहन

समिति स्तरीय किए जाने के 14 दिन बाद 7 जनवरी को केवल 5 ट्रकों से 1587.20 क्विंटल धान का ही परिवहन किया गया। इसके बाद जांच की तिथि तक लगातार 12 दिनों तक एक भी ट्रक नहीं लगाया गया। कुल मिलाकर 26 दिनों में परिवहन लगभग शून्य रहा, जिसे कलेक्टर ने खेदजनक और लापरवाहीपूर्ण माना।

जिले में सबसे अधिक लंबित स्टॉक

उपार्जित धान के विरुद्ध लगभग 56 प्रतिशत स्टॉक अब भी परिवहन के लिए शेष है, जो जिले में सर्वाधिक है। समीक्षा बैठकों में स्पष्ट निर्देशों के बावजूद परिवहन नहीं कराया जाना, परिवहनकर्ता द्वारा मनमानी और प्राथमिकता क्रम में स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है।

नीति उल्लंघन का मामला

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यह कृत्य खरीफ विपणन मौसम 2025-26 की समर्थन मूल्य नीति के प्रावधानों का उल्लंघन है। कारण बताओ नोटिस में पूछा गया है कि क्यों न परिवहन न करने पर आर्थिक दंड लगाया जाए और क्यों न भविष्य के लिए ब्लैकलिस्ट करने की कार्यवाही की जाए।नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर एकतरफा कार्यवाही की जाएगी।

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