प्रशासनमध्यप्रदेश

उबड़-खाबड़ रास्तों पर डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे कलेक्टर–एसपी,सीईओ, जिर्री के तालाब से स्कूल तक देखी जमीनी हकीकत श्री तिवारी का यह अंदाज ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना , ढीमरखेड़ा एसडीएम निधि सिंह गोहल,जनपद सीईओ तहसीलदार सहित जनपद के अन्य अधिकारियों की मजूदगी रही।

कलयुग की कलम से राकेश यादव

उबड़-खाबड़ रास्तों पर डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे कलेक्टर–एसपी,सीईओ, जिर्री के तालाब से स्कूल तक देखी जमीनी हकीकत श्री तिवारी का यह अंदाज ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना , ढीमरखेड़ा एसडीएम निधि सिंह गोहल,जनपद सीईओ तहसीलदार सहित जनपद के अन्य अधिकारियों की मजूदगी रही।

 कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा -संवेदनशील, सहज और जमीनी प्रशासन का जीवंत उदाहरण मंगलवार को उस समय देखने को मिला, जब कलेक्टर श्री आशीष तिवारी और पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा ने विकासखंड ढीमरखेड़ा के ग्राम जिर्री का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान दोनों अधिकारी खेतों की मेढ़ों, पथरीले और उबड़-खाबड़ रास्तों से होकर करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चले और जलग्रहण मिशन योजना के तहत निर्मित तालाब का निरीक्षण किया। अधिकारियों का यह अंदाज ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।

ग्राम जिर्री में लगभग 15 लाख रुपये की लागत से बने जलग्रहण तालाब का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर श्री तिवारी को तालाब में पर्याप्त जलभराव मिला। मौके पर जानकारी दी गई कि तालाब से आसपास के 8 से 9 किसान लाभान्वित हो रहे हैं और लगभग 25 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई इसी जलस्रोत से की जा रही है। कलेक्टर ने इसे जल संरक्षण की दिशा में एक सफल प्रयास बताते हुए किसानों से तालाब के संरक्षण और रखरखाव में सहयोग की अपील की। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्रीमती हरसिमरनप्रीत कौर भी उपस्थित रहीं।

तालाब निरीक्षण के बाद कलेक्टर श्री तिवारी प्राथमिक शाला मढ़िया टोला, जिर्री पहुंचे। यहां उन्होंने बच्चों से पढ़ाई-लिखाई को लेकर आत्मीय संवाद किया। कक्षा 3 की छात्रा रिया से 2 का पहाड़ा पूछने पर उसने सही उत्तर दिया, वहीं कक्षा 5 के छात्र विवेक सिंह से स्कूल परिसर में लगे खंभों की संख्या का जोड़ पूछा गया, जिसका उत्तर भी छात्र ने तुरंत सही दिया। बच्चों की तत्परता और आत्मविश्वास देखकर कलेक्टर ने उन्हें शाबाशी दी।

कलेक्टर ने बच्चों से हाथ उठाकर पूछा कि कितने बच्चे रोज स्कूल आते हैं, जिस पर सभी विद्यार्थियों ने हाथ उठाकर नियमित उपस्थिति की जानकारी दी। बच्चों ने बताया कि आज मध्यान्ह भोजन में खीर, सब्जी और पूरी दी गई है। कलेक्टर ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, नियमित स्कूल आने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

स्कूल निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किचन शेड निर्माण के निर्देश भी दिए। विद्यालय में शिक्षक गोरेलाल यादव एवं नीतू साहू उपस्थित पाए गए। इसके साथ ही कलेक्टर ने स्कूल के समीप जलग्रहण मिशन अंतर्गत किए गए वृक्षारोपण कार्य का भी अवलोकन किया। कम पौधारोपण पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि यहां विभिन्न प्रजातियों के अधिक से अधिक पौधे लगाए जाएं और इस क्षेत्र को उद्यान के रूप में विकसित किया जाए।

दिव्यांग के लिए संवेदनशील पहल

निरीक्षण उपरांत जब कलेक्टर श्री तिवारी ग्राम जिर्री से लौट रहे थे, तभी उनकी नजर झिर्री निवासी अस्थिबाधित दिव्यांग जगदीश यादव पर पड़ी। कलेक्टर ने तुरंत वाहन रुकवाया और स्वयं उनके पास पहुंचकर बातचीत की। उन्होंने जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के सीईओ श्री यजुवेंद्र कोरी को निर्देश दिए कि जगदीश यादव को शीघ्र ट्राइसाइकल उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। कलेक्टर की इस संवेदनशील पहल की ग्रामीणों ने सराहना की।

इस अवसर पर एसडीएम निधि सिंह गोहल, तहसीलदार नितिन पटेल, जनपद पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर और एसपी का यह दौरा न केवल योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने का माध्यम बना, बल्कि आमजन में यह संदेश भी गया कि प्रशासन उनके बीच खड़ा है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुन रहा है।

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