Blog

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव जीतने के बाद भाजपा सांसदों ने दिया इस्तीफा, इनमें दो केंद्रीय मंत्री भी शामिल, सीएम चेहरे को लेकर फंसा हैं पेंच

कलयुग की कलम से रामेश्वर त्रिपाठी

भोपाल- मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में जीतने के बाद मध्यप्रदेश के भाजपा सांसदों ने इस्तीफा दे दिया। बुधवार 6 दिसंबर को पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद सभी ने अपने-अपने इस्तीफे दे दिए। विधानसभा में चुनाव जीतने के बाद तय माना जा रहा था कि इन्हें विधानसभा या सांसद में से कोई एक पद इन्हें छोड़ना पड़ेगा। सभी ने बुधवार को एक साथ इस्तीफे दे दिए। अब मध्यप्रदेश के सीएम पद को लेकर संस्पेंस बरकरार है।
हाल ही में हुए मध्यप्रदेश विधानसभा के चुनाव में भाजपा ने तीन केंद्रीय मंत्रियों सहित 7 सांसदों को भी विधानसभा में उतारा था। इनमें केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद सिंह पटेल, रीति पाठक, राकेश सिंह, राव उदय प्रताप सिंह ने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया। इनके अलावा फग्गन सिंह कुलस्ते, गणेश सिंह चुनाव हार गए इसलिए उन्होंने सांसद पद से इस्तीफा नहीं दिया।

इन पर टिकी थी निगाह

इससे पहले प्रदेश में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद अब आठ दिग्गज नेताओं के अगले कदम को लेकर निगाहें टिकी थी। दो नेता चुनाव हार गए हैं, जबकि छह ने सारी मुश्किलों को पार कर जीत दर्ज की है। इनमें तीन केंद्रीय मंत्री सहित पांच सांसद हैं। बड़ी बात यह कि इन दिग्गजों को सांसद या विधायक में से एक पद छोड़ना है। संवैधानिक नियम के तहत 14 दिन के भीतर इन्हें एक पद छोड़ना पड़ता है। इन छह में से चार नेता सीएम पद के दावेदार भी हैं।

लोकसभा चुनाव की तैयारी

अप्रेल-मई में लोकसभा चुनाव हैं, इसलिए इन दिग्गजों से लोकसभा का इस्तीफा दिलाकर वहां नए चेहरे लाने के फार्मूले का क्रियान्वयन होने की उम्मीद ज्यादा मानी जा रही है, ऐसा नहीं होता है और इन्हें वापस लोकसभा चुनाव लड़ाया जाता है तो फिर विधानसभा में इनकी सीट पर उपचुनाव होंगे।
  • गणेश सिंह: सांसद हैं, विधानसभा चुनाव हार गए हैं। इससे लोकसभा में ही रहेंगे। वापस लोकसभा की दावेदारी है। ये विधानसभा नहीं आना चाहते थे।
  • कैलाश विजयवर्गीय: भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव हैं। लोकसभा चुनाव लडऩे की संभावना कम है। विधानसभा में ही रहेंगे। सीएम पद के दावेदार भी हैं।

सांसद या विधायक में से एक पद छोड़ना था

  • नरेंद्र सिंह तोमर- केंद्रीय मंत्री हैं। सीएम पद के दावेदार भी हैं। सीएम नहीं बनाने की स्थिति में इनके वापस लोकसभा चुनाव लड़नेकी उम्मीद है।
  • प्रहलाद पटेल- केंद्रीय मंत्री हैं। ओबीसी चेहरा होने के कारण सीएम पद के दावेदार हैं। इनके विधानसभा में रहनेकी उम्मीदें ज्यादा हैं।
  • राकेश सिंह- सांसद हैं। प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। इनके विधानसभा में ही रहने की उम्मीद है। सीएम पद के दावेदार हैं। बेहद मुश्किल सीट पर जीते हैं।
  • रीति पाठक- सांसद और युवा महिला चेहरा है। विधानसभा में ही रहने की उम्मीद है। मंत्री पद की दावेदार हैं। मुश्किल सीट पर जीत हासिल की है।
  • राव उदयप्रताप सिंह- सांसद हैं और इनके भी विधानसभा में ही रहने की उम्मीद है।लंबे समय से विधानसभा में ही आना चाह रहे थे।
  • फग्गन सिंह कुलस्ते- केंद्रीय मंत्री हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव हार गए हैं। लोकसभा में ही रहेंगे। बड़ा आदिवासी चेहरा है। हाईकमान पर निर्भरता है।

Related Articles

Back to top button