मेड़ पर चलकर खेत पहुँचे कलेक्टर श्री तिवारी मझगवां में प्राकृतिक खेती का मॉडल देखा, प्रगतिशील किसान की जमकर सराहना
कलयुग की कलम से राकेश यादव

मेड़ पर चलकर खेत पहुँचे कलेक्टर श्री तिवारी मझगवां में प्राकृतिक खेती का मॉडल देखा, प्रगतिशील किसान की जमकर सराहना
कलयुग की कलम कटनी -किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री आशीष तिवारी मंगलवार को बड़वारा में जनसुनवाई कार्यक्रम के बाद सीधे मझगवां पहुंचे। दुर्गम रास्तों और खेतों की मेड़ों पर पैदल चलकर वे प्रगतिशील किसान गोविंद कुशवाहा के खेत तक पहुंचे और वहां किए जा रहे खेती के नवाचारों का बारीकी से निरीक्षण किया।
कलेक्टर श्री तिवारी ने किसान गोविंद द्वारा लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में अपनाई गई अंतर्वर्ती खेती का खेत में भ्रमण कर जायजा लिया। खेत में आलू, गोभी, सरसों, बथुआ, सेम, मटर, टमाटर, बैंगन सहित विभिन्न फसलों और सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है। कलेक्टर ने किसान द्वारा अपनाई गई प्राकृतिक एवं जैविक खेती की पद्धति को सराहनीय बताते हुए इसे अन्य किसानों के लिए अनुकरणीय मॉडल बताया।
किसान गोविंद कुशवाहा ने बताया कि उनके पास 40 देसी नस्ल के पशु हैं, जिनके गोबर से तैयार जैविक खाद का उपयोग वे अपनी फसलों और सब्जियों में करते हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष समर्थन मूल्य पर 90 क्विंटल धान का विक्रय किया गया, जिसका भुगतान उन्हें समय पर प्राप्त हो गया है। खेत में उत्पादित सब्जियां कटनी और उमरिया के बाजारों में सीधे बिक्री होकर अच्छी कीमत दिला रही हैं।
गोविंद कुशवाहा के संयुक्त परिवार में 15 सदस्य हैं, जो खेती के कार्यों में मिलकर योगदान देते हैं। फसल उत्पादन और बागवानी से उन्हें सालाना लगभग 5 लाख रुपये की शुद्ध आय हो रही है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री तिवारी ने किसान को उन्नत नस्ल के दुधारू पशुपालन और शेडनेट में खीरा, टमाटर, शिमला मिर्च जैसी नकदी फसलों की खेती अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर किसान अपने कार्य को और अधिक विस्तार दे सकते हैं और आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं।



