खंडहरनुमा स्कूलों में पढ़ने को मजबूर बच्चे, शिक्षा विभाग की उदासीनता उजागर मढ़ाना पंचायत में जर्जर शाला भवन, नियमों के बावजूद नहीं हुई नवीन भवन की स्वीकृति
कलयुग की कलम से राकेश यादव

खंडहरनुमा स्कूलों में पढ़ने को मजबूर बच्चे, शिक्षा विभाग की उदासीनता उजागर मढ़ाना पंचायत में जर्जर शाला भवन, नियमों के बावजूद नहीं हुई नवीन भवन की स्वीकृति
कटनी जिले के ढीमरखेड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मढ़ाना में सरकारी स्कूलों की हालत शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। यहाँ के शासकीय प्राथमिक विद्यालय मढ़ाना, शासकीय प्राथमिक विद्यालय डहुली तथा विद्यालय डहुली (रोला) के भवन पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं, बावजूद इसके अब तक नवीन शाला भवन निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

ग्राम पंचायत मढ़ाना की सरपंच श्रीमती अंबिका सिंह द्वारा दिनांक 04 अगस्त 2025 को स्कूल शिक्षा विभाग के माननीय मंत्री को विधिवत पत्र लिखकर नवीन शाला भवन स्वीकृत कराने की मांग की गई थी। पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया था कि शासकीय प्राथमिक विद्यालय डहुली टोला विगत चार वर्षों से सामुदायिक भवन में संचालित हो रहा है, क्योंकि मूल भवन पढ़ाई के लिए अनुपयुक्त और खतरनाक हो चुका है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग एवं शासन स्तर पर आज तक कोई निर्णय नहीं लिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चे खंडहरनुमा स्कूल भवनों में पढ़ने को मजबूर हैं, जो न केवल शिक्षा की गुणवत्ता पर असर डाल रहा है बल्कि बच्चों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है। मढ़ाना स्कूल में शौचालयों की स्थिति बेहद खराब है। स्वच्छ भारत मिशन और स्कूल शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार विद्यालयों में स्वच्छ शौचालय, सुरक्षित भवन, पेयजल एवं मध्यान्ह भोजन हेतु अलग, सुरक्षित रसोईघर अनिवार्य है, लेकिन जमीनी हकीकत इन नियमों के ठीक उलट है।

सबसे चिंताजनक स्थिति मध्यान्ह भोजन व्यवस्था की है। मढ़ाना विद्यालय में जर्जर छत के नीचे रसोइयों द्वारा बच्चों का भोजन तैयार किया जाता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। न तो पर्याप्त कक्षाएं हैं, न सुरक्षित छत, न ही बुनियादी सुविधाएं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सुविधायुक्त और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना शासन की जिम्मेदारी है, परंतु यहाँ यह जिम्मेदारी कागजों तक सीमित नजर आ रही है।
ग्रामीणों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर महोदय एवं माननीय मंत्री से मांग की है कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए मढ़ाना पंचायत में शीघ्र नवीन शाला भवनों की स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि शिक्षा विधिवत रूप से सुचारू हो सके। यदि समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होगा।अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग नियम-कानून के अनुरूप कार्रवाई कर बच्चों को सुरक्षित स्कूल भवन उपलब्ध कराता है या फिर यह मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।



