मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर से बड़ा मामला सामने आया है। जहां ग्राम सगड़ा-झपनी के पास नहर टूटने की घटना की सूचना मिलने पर प्रशासन द्वारा बरगी बांध की दाईं तट नहर से पानी की निकासी पूरी तरह से बंद करा दी गई है। इसके साथ ही जिस स्थान पर नहर टूटी है, उसके आगे के नहर के सभी गेट खोल दिये गए हैं, ताकि खेतों में भरे पानी की निकासी तेजी से हो सके। मौके पर एसडीएम जबलपुर अभिषेक सिंह एवं बरगी बांध दाईं तट नहर के कार्यपालन यंत्री मौजूद हैं।
एसडीएम अभिषेक सिंह ने बताया कि कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर नहर के टूटने के कारण खेतों में पानी भर जाने से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे प्रारंभ कर दिया गया है। प्रभावित किसानों राहत राशि का वितरण किया जाएगा।
कार्यपालन यंत्री बरगी बांध की दाईं तट नहर के मुताबिक आज दोपहर लगभग 12 बजे बरगी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सगड़ा के पास मुख्य नहर के टूटने से नरई नाला से लगे कुछ खेतों में पानी भर गया। सूचना मिलते ही बरगी बांध से दाईं तट नहर से पानी की निकासी पूरी तरह बंद कर दी गई है तथा नहर टूटे हिस्से के आगे के नहर के सभी गेट खोल दिये गए। उन्होंने बताया कि नहर के टूटे हुए हिस्से से पानी नरई नाला में जा रहा है, जो कि आगे जाकर नदी में मिल रहा है।
सतना-रीवा तक जाती है दाईं तट नहर
बता दें कि, बरगी ढाई तट नहर जबलपुर-कटनी-स्लीमानाबाद होते हुए सतना और रीवा जिलों तक जाती है। इधर, ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ये प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है। नहर कमजोर हो चुकी है। जिसकी शिकायत पहली भी कई बार की जा चुकी है, लेकिन संबंधित विभागों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और नतीजा सबके सामने है।