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कटनी के 11 निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्डधारियों को मिलेगा 5 लाख तक मुफ्त इलाज अब कैशलेस उपचार की सुविधा, प्रशासन ने अस्पताल किए चिन्हित

कलयुग की कलम से राकेश यादव

कटनी के 11 निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्डधारियों को मिलेगा 5 लाख तक मुफ्त इलाज अब कैशलेस उपचार की सुविधा, प्रशासन ने अस्पताल किए चिन्हित

कलयुग की कलम कटनी – शासन की महत्वाकांक्षी आयुष्मान निरामयम योजना के तहत कटनी जिले के जरूरतमंद परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने 11 निजी अस्पतालों को चिन्हित किया है। इन अस्पतालों में आयुष्मान कार्डधारियों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क और कैशलेस उपचार प्रदान किया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. राज सिंह ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन के निर्देशानुसार पात्र हितग्राहियों को बेहतर और त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले के कई निजी अस्पतालों को योजना से जोड़ा गया है। इससे मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।

इन अस्पतालों में मिलेगा आयुष्मान योजना का लाभ

आयुष्मान योजना के अंतर्गत जिन निजी अस्पतालों को अनुबंधित किया गया है उनमें धर्मलोक हॉस्पिटल, जी.जी. नर्सिंग होम, वर्धमान हॉस्पिटल, गुरुकृपा हॉस्पिटल, माँ दुर्गा हॉस्पिटल, कटनी लाइफ केयर एंड रिसर्च सेंटर, जी.डी. चौदहा मेमोरियल मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, अपेक्स हॉस्पिटल, चांडक हॉस्पिटल, श्रीराम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल और एमजीएम हॉस्पिटल शामिल हैं।

कई गंभीर बीमारियों का होगा इलाज

इन अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जनरल मेडिसिन, हड्डी रोग, जनरल सर्जरी, यूरोलॉजी, शिशु रोग, स्त्री रोग, हाई रिस्क डिलीवरी, आंखों के रोग, न्यूरोसर्जरी, हृदय रोग, कैंसर सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, बर्न मैनेजमेंट, संक्रमण रोग, डायग्नोस्टिक सेवाएं तथा फेस एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी सहित विभिन्न प्रकार की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

प्रशासन की अपील

कलेक्टर आशीष तिवारी और सीएमएचओ डॉ. राज सिंह ठाकुर ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे अपने और अपने परिवार के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आयुष्मान योजना का लाभ अवश्य लें। साथ ही संबंधित निजी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने संस्थान के भीतर और बाहर आयुष्मान योजना की जानकारी वाले बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाएं, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा या भटकाव का सामना न करना पड़े।

इन अस्पतालों को प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत उपचार के लिए भी अधिकृत किया गया है, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज मिल सके।

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