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रिश्वत लेते कैमरे में कैद पटवारी! वीडियो वायरल होते ही प्रशासन सख्त, 2 दिन में जवाब तलब सीमांकन के नाम पर वसूली का आरोप, SDM ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

कलयुग की कलम से राकेश यादव

रिश्वत लेते कैमरे में कैद पटवारी! वीडियो वायरल होते ही प्रशासन सख्त, 2 दिन में जवाब तलब सीमांकन के नाम पर वसूली का आरोप, SDM ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

कलयुग की कलम स्लीमनाबाद -जिले की स्लीमनाबाद तहसील के ग्राम धरवारा में पदस्थ हल्का पटवारी महेंद्र मिश्रा का रिश्वत लेते हुए कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। एसडीएम बहोरीबंद राकेश चौरसिया ने मामले को गंभीर मानते हुए पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

 वीडियो में किसान से पैसे लेते दिखे पटवारी

वायरल वीडियो में धरवारा निवासी किसान बारेलाल से नक्शा बटांकन और सीमांकन कार्य के बदले पैसे की मांग करते और राशि लेते हुए पटवारी दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह रकम लोक सेवा केंद्र के माध्यम से प्राप्त आवेदन के निराकरण के एवज में मांगी गई थी।

प्रारंभिक जांच में तहसीलदार स्लीमनाबाद द्वारा अवैध वसूली की पुष्टि होने पर पटवारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।

 भ्रष्टाचार और आपराधिक श्रेणी का मामला

जांच में यह भी सामने आया है कि पटवारी द्वारा कृषकों से पदीय कार्यों के बदले अनावश्यक और गैरकानूनी रूप से पैसे लिए जा रहे थे तथा अतिरिक्त राशि की मांग भी की जाती थी। यह कृत्य न केवल सेवा नियमों के विरुद्ध है बल्कि भ्रष्टाचार और आपराधिक श्रेणी में भी आता है।

 2 दिन में जवाब नहीं तो एकपक्षीय कार्रवाई

एसडीएम द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि:नोटिस प्राप्ति से 2 दिवस के भीतर उपस्थित होकर जवाब देना अनिवार्य है।जवाब प्रस्तुत न करने पर एकपक्षीय आदेश पारित किया जाएगा।संतोषजनक जवाब न मिलने पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

 प्रशासन की सख्ती से संदेश

इस कार्रवाई को राजस्व विभाग में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ग्रामीणों और किसानों ने उम्मीद जताई है कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई से व्यवस्था में विश्वास मजबूत होगा।

 मामला क्या बताता है?

यह घटना दर्शाती है कि डिजिटल युग में भ्रष्टाचार छिपाना कठिन होता जा रहा है। सोशल मीडिया पर सामने आए साक्ष्य प्रशासनिक कार्रवाई का आधार बन रहे हैं और जवाबदेही सुनिश्चित कर रहे हैं।

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