प्रशासनमध्यप्रदेश

शीतलहर को लेकर प्रशासन अलर्ट जनसुरक्षा सर्वोपरि: गर्म कपड़े पहनें, अनावश्यक यात्रा से बचें नगरीय निकायों एवं पंचायतों को सार्वजनिक स्थलों, बस स्टैंड, बाजार, चौराहों एवं जरूरतमंद क्षेत्रों में अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश

कलयुग की कलम से राकेश यादव

शीतलहर को लेकर प्रशासन अलर्ट जनसुरक्षा सर्वोपरि: गर्म कपड़े पहनें, अनावश्यक यात्रा से बचें नगरीय निकायों एवं पंचायतों को सार्वजनिक स्थलों, बस स्टैंड, बाजार, चौराहों एवं जरूरतमंद क्षेत्रों में अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश

कलयुग की कलम उमरिया पान -जिले में शीतलहर की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा मैदानी अमले एवं आम नागरिकों के लिए शीतलहर से बचाव संबंधी विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें शीतलहर के लक्षण, बचाव के उपाय, क्या करें और क्या न करें के साथ आवश्यक तैयारियां रखने की अपील की गई है।

उल्लेखनीय है कि कटनी जिले में दिसंबर एवं जनवरी माह के दौरान शीतलहर का प्रकोप प्रायः देखने को मिलता है। कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस अथवा इससे भी कम दर्ज किया जाता है, जिससे जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना रहती है। अत्यधिक ठंड के कारण हाइपोथर्मिया, फ्रॉस्टबाइट जैसी शीतजनित बीमारियाँ उत्पन्न हो सकती हैं तथा विषम परिस्थितियों में जान का खतरा भी बना रहता है।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि शीतलहर के दौरान 65 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजन, 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे, हृदय व श्वसन रोग से पीड़ित व्यक्ति, बेघर नागरिक, खुले क्षेत्रों एवं निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिक, सड़क किनारे रहने वाले लोग एवं छोटे व्यवसायी विशेष रूप से संवेदनशील होते हैं।

 शीतलहर क्या है

शीतलहर एक मौसम संबंधी स्थिति है, जिसमें तापमान में अचानक गिरावट, ठंडी हवाओं का तेज बहाव तथा पाला जमने जैसी परिस्थितियाँ उत्पन्न होती हैं।

 शीतलहर के दौरान क्या करें (Do’s)

मौसम की जानकारी नियमित रूप से रेडियो, टीवी एवं समाचार पत्रों के माध्यम से लेते रहें। गर्म कपड़े पहनें और कई परतों में वस्त्र धारण करें। सिर, गर्दन, हाथ एवं पैरों को अच्छी तरह ढकें, टोपी, मफलर और मोज़ों का उपयोग करें। वॉटरप्रूफ जूते पहनें। गर्म तरल पदार्थ जैसे चाय, सूप आदि का सेवन करें तथा संतुलित एवं पौष्टिक आहार लें। ठंडी हवा से बचें, यथासंभव घर के अंदर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। बच्चों, बुजुर्गों, अकेले रहने वाले एवं असहाय व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें। आवश्यक दवाइयों, ईंधन, पेयजल एवं अन्य जरूरी सामग्री का पूर्व भंडारण रखें। ठंड से प्रभावित होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल से संपर्क करें।

 क्या न करें (Don’ts)

अत्यधिक ठंड में खुले स्थानों पर लंबे समय तक न रहें। गीले कपड़े पहनकर न रहें, तुरंत सूखे कपड़े पहनें। हाइपोथर्मिया से पीड़ित व्यक्ति को मादक पेय पदार्थ न दें। गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

 हाइपोथर्मिया एवं फ्रॉस्टबाइट के लक्षण

तेज कंपकंपी, अत्यधिक थकान, भ्रम की स्थिति, बोलने में कठिनाई, अधिक नींद आना। हाथ-पैर की उंगलियों, कान या नाक में सुन्नता, सफेद या पीला पड़ना। शिशुओं में ठंडी व लाल त्वचा तथा सुस्ती देखी जा सकती है। हाइपोथर्मिया एक चिकित्सकीय आपात स्थिति है, ऐसे में व्यक्ति को तुरंत गर्म स्थान पर ले जाकर सूखे कंबल से ढकें और शीघ्र अस्पताल पहुंचाएं।

 अलाव व्यवस्था के निर्देश

शीतलहर को देखते हुए नगरीय निकायों एवं पंचायतों को सार्वजनिक स्थलों, बस स्टैंड, बाजार, चौराहों एवं जरूरतमंद क्षेत्रों में अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बेघर एवं असहाय नागरिक ठंड से राहत पा सकें।स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम पूर्वानुमान एवं शीतलहर संबंधी चेतावनियों पर सतर्क रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन कर स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रखें।

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