मध्यप्रदेश

इटौली गांव बना टापू रात की बारिश से सुबह लभेर नदी में उफान ग्रामीण परेशान, 10 घंटे से बंद हैं आवागवन अन्य गांवों से टूटा संपर्क

कलयुग की कलम से राकेश यादव

इटौली गांव बना टापू रात की बारिश से सुबह लभेर नदी में उफान ग्रामीण परेशान, 10 घंटे से बंद हैं आवागवन अन्य गांवों से टूटा संपर्क

कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा– ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र के ग्राम इटौली में बीती रात तेज बारिश के कारण सुबह से लभेर नदी उफान में हैं। बाढ आने के कारण गांव टापू बन गया हैं चारो तरफ सिर्फ पानी ही नजर आ रहा हैं गर्मी के मौसम से हैंडपंप सूखे हैं बाढ़ के कारण बिजली बंद होने से पेयजल के लिए भी ग्रामीण परेशान रहे स्कूल आंगनवाड़ी पंचायत भवन दुकान मंदिरों घरों खेतो में पानी भर गया । 14 जुलाई को सड़क दुर्घटना में इटौली निवासी पत्रकार अनूप दुबे के छोटे भाई राकेश दुबे का निधन हो गया था लिहाज़ा आज अस्थियां विसर्जन के लिए इलाहाबाद जाना था गांव की नदी और क्षेत्र की अन्य नदिया उफान में होने पर पीड़ित परिवार को कठिनाइयो का सामना करना पड़ा रिश्तेदार और परिचित भी दुख की घड़ी में नदी में बाढ़ होने के चलते शामिल नही हो पाए तकरीबन 10 घंटे से आवागवन बाधित हैं ग्रामीण देर रात तक नदी की बाढ़ उतरने का इंतजार करते रहे। बीते दिनों मध्य प्रदेश के ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र के ग्राम इटौली में हुई भारी बारिश ने ग्रामीणों के जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। लभेर नदी में अचानक उफान आ जाने से पूरा गांव टापू में तब्दील हो गया है। चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है, जिससे ग्रामवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

*प्राकृतिक आपदा का प्रभाव हैंडपंप और जल आपूर्ति*

गर्मी के मौसम में पहले से ही सूखे हुए हैंडपंप अब और भी बेकार हो गए हैं। बाढ़ के कारण बिजली बंद होने से पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है। गांव में पेयजल की किल्लत ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। हैंडपंप और अन्य जल स्रोतों पर बाढ़ के पानी का दबाव इतना बढ़ गया है कि उनके माध्यम से पानी निकालना असंभव हो गया है।

*बाढ़ का क्षेत्र में व्यापक प्रभाव*

बाढ़ का पानी गांव के हर कोने में भर गया है। स्कूल, आंगनवाड़ी, पंचायत भवन, दुकानें, मंदिर, और यहां तक कि घरों और खेतों में भी पानी भर गया है। ग्रामीणों की दिनचर्या बुरी तरह से प्रभावित हुई है। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, ग्रामीणों को दुकानदारी और खेती-किसानी में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

*तेज बारिश के कारण अस्थि विसर्जन करने में हुई परेशानियां*

ग्राम इटौली के निवासी पत्रकार अनूप दुबे के छोटे भाई राकेश दुबे का 14 जुलाई को एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था। आज उनके अस्थियों का विसर्जन इलाहाबाद में होना था, लेकिन गांव की नदी और क्षेत्र की अन्य नदियों के उफान में होने के कारण पीड़ित परिवार को अस्थियों के विसर्जन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। रिश्तेदार और परिचित भी दुख की इस घड़ी में नदी में बाढ़ होने के चलते शामिल नहीं हो पाए।

*आवागमन बाधित राहगीर करते रहे इंतजार*

पिछले 10 घंटों से आवागमन पूरी तरह से बाधित है। बाढ़ के कारण गांव की सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे किसी भी प्रकार का यातायात संभव नहीं है। ग्रामीण देर रात तक नदी की बाढ़ उतरने का इंतजार करते रहे, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए प्रशासन को त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता तुरंत पहुंचाई जानी चाहिए। बिजली और जल आपूर्ति की व्यवस्था को भी जल्दी से बहाल किया जाना चाहिए, ताकि ग्रामीणों को कम से कम कठिनाइयों का सामना करना पड़े। प्राकृतिक आपदाएं अकसर ग्रामीण जीवन को बुरी तरह प्रभावित करती हैं। ऐसे समय में प्रशासन और समाज को मिलकर काम करने की आवश्यकता होती है, ताकि प्रभावित लोगों को राहत और सहायता मिल सके। ग्राम इटौली में आई इस बाढ़ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि हमें प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।

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