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जैव विविधता से होने वाले लाभ व उद्देश्यों और नियमों की दी जानकारी ग्राम पंचायत और विकासखंड स्तर पर प्रबंधन समितियों का होगा गठन,पांच सदस्यों को किया जाएगा शामिल

कलयुग की कलम से राकेश यादव

जैव विविधता से होने वाले लाभ व उद्देश्यों और नियमों की दी जानकारी ग्राम पंचायत और विकासखंड स्तर पर प्रबंधन समितियों का होगा गठन,पांच सदस्यों को किया जाएगा शामिल

जैव विविधता प्रबंधन समितियों के सक्रियकरण को लेकर उमरियापान में कार्यशाला का हुआ आयोजन,समिति सदस्यों, व्यापारी व जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति

कटनी उमरियापान:- जैव विविधता प्रबंधन समितियों के सक्रियकरण एवं लोक जैव विविधता पंजी के निर्माण एवं लाभ प्रभाजन को लेकर उमरियापान वन विभाग कार्यालय में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की शुरुआत में जैव विविधता से संबंधित एक लघु फिल्म दिखाई गई।

मास्टर ट्रेनर मोहन नागवानी,आर.एल. निगम और वनरक्षक सुधांशु तिवारी ने जैव विविधता और इससे होने वाले लाभ,जैव विविधता संबधी अधिनियम नियम एवं विनियम,इसके उद्देश्यों को लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब ग्राम पंचायत स्तर पर जैव विविधता प्रबंधन समितियों (बीएमसी)का गठन होगा। इसके बाद विकासखण्ड स्तर पर समिति बनाई जाएगी।समितियों में पांच सदस्य शामिल रहेंगे।जैव विविधता प्रबंधन समितियों के परामर्श और सहयोग से, विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में जैविक संसाधनों का आविष्कार करने के लिए ग्राम सभा स्तर पर लोगों की जैव विविधता रजिस्टर ( पीबीआर ) तैयार होगी। उन्होंने आगे बताया कि वन्य जीवन और जैव विविधता संरक्षण के लिए सार्वजनिक भागीदारी आवश्यक है यदि यह व्यापक और स्थायी हो।जैव विविधता प्रबंधन समिति का प्रमुख कार्य स्थानीय लोगों के परामर्श से लोक जैव विविधता पंजी तैयार करना हैं। इस पंजी में स्थानीय जैविक संसाधनों की उपलब्धता और ज्ञान के साथ -साथ उनके चिकित्सीय और अन्य उपयोगों पर विस्तृत जानकारी का समावेश होगा। इसके अलावा मास्टर ट्रेनरों ने जैव विविधता के निर्माण, इससे होने वाले प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ, इसके प्रकार, उपयोग और संरक्षण सहित जैव विविधता से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दी। इस मौके पर वन परिक्षेत्र अधिकारी अजय कुमार मिश्रा, सरपंच अटल ब्यौहार, वन्य प्राणी प्रेमी नमन चौरसिया, सुशील कोरी, राजेश त्रिपाठी, जयप्रकाश चौरसिया,अंकित झारिया,मकरंद काछी, बल्ला साहू, अनिल गुप्ता सहित वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी एवं जैव विविधता प्रबंधन समिति सदस्यों, व्यापारी, आढ़तियों के अलावा अन्य लोगों की उपस्थिति रही।

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