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उल्टी और दस्त के संक्रमण से घबराएं नहीं बरतें सावधानी, स्वच्छता पर दे विशेष ध्यान दस्त को कंट्रोल होने में तीन से पाँच दिन का लग जाता हैं समय, साहस ही हर बीमारी की दवा- डॉ. बीके प्रसाद

कलयुग की कलम से सोनू त्रिपाठी

कटनी/उमरियापान- उल्टी और दस्त, विशेषकर बच्चों और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले व्यक्तियों के लिए, गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं बन सकती हैं। इन स्थितियों का सही ढंग से प्रबंधन करने से न केवल मरीज की स्थिति में सुधार होता है, बल्कि अन्य जटिलताओं से भी बचा जा सकता है। उल्टी और दस्त के विभिन्न कारण हो सकते हैं। इनमें संक्रमण, विषाक्त भोजन, दवाओं के साइड इफेक्ट्स, और अन्य मेडिकल स्थितियाँ शामिल हैं। पेट के अंदर जीवाणु, वायरस या परजीवी हो सकते हैं जो पाचन तंत्र को प्रभावित करते हैं और उल्टी और दस्त का कारण बनते हैं। आमतौर पर, यह शरीर की एक सामान्य प्रतिक्रिया होती है, जिससे यह संक्रमित या विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का प्रयास करता है। इस संबंध मे ढीमरखेड़ा के बीएमओ डॉ बी.के प्रसाद ने लोगों को उल्टी दस्त की बीमारी से नहीं घबराने और उपचार का परामर्श दिया है।

दस्त को जल्दी रोकने के प्रयास के खतरे

जब दस्त होता है, तो यह महत्वपूर्ण है कि उसे तुरंत रोकने की कोशिश न की जाए। दस्त शरीर का प्राकृतिक तरीका है जिससे यह संक्रमण या विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है। अगर आप दस्त को विशेष दवाओं के माध्यम से तुरंत रोकने की कोशिश करते हैं, तो पेट में मौजूद जीवाणु या विषाणु की संख्या बढ़ सकती है। यह अंततः आंतरिक अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है और अधिक गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर सकता है।

उल्टी के प्रबंधन पर कुछ घरेलू मानकों पर भी जोर दिया जा सकता हैं

डॉ बीके प्रसाद कहते है कि उल्टी को नियंत्रित करने के लिए कुछ घरेलू उपाय और मेडिकल उपचार होते हैं। लेकिन सबसे पहले यह समझना आवश्यक है कि उल्टी का कारण क्या है। उल्टी के दौरान, शरीर से महत्वपूर्ण तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स निकल जाते हैं, जिससे निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) हो सकता है। इसे रोकने के लिए, व्त्ै (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) का उपयोग करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। ओआरएस शरीर में खोए हुए तरल पदार्थों और इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई करने में मदद करता है।

ओआर एस के सेवन पर ज्यादा दे जोर

ओआरएस एक सरल और प्रभावी तरीका है जिससे उल्टी और दस्त के दौरान निर्जलीकरण को रोका जा सकता है। यह एक साधारण मिश्रण होता है जिसमें नमक, चीनी और पानी होता है। यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है और निर्जलीकरण के गंभीर परिणामों से बचने में मदद करता है। ओ.आर.एस का एक लीटर का घोल बनाने के लिए साफ पानी में नमक और चीनी मिलाकर उसे पूरी तरह से घोल लें। फिर इसे नियमित अंतराल पर छोटे-छोटे घूंटों में पिलाएं।

पानी का अत्यधिक करे सेवन

मानव शरीर में लगभग 60ः पानी होता है। जब कोई व्यक्ति उल्टी या दस्त से ग्रसित होता है, तो शरीर में पानी की मात्रा तेजी से घट जाती है।इसके परिणामस्वरूप, व्यक्ति निर्जलित हो सकता है, जिससे किडनी और अन्य महत्वपूर्ण अंगों की कार्यक्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए, उल्टी और दस्त के दौरान पर्याप्त पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन अत्यंत आवश्यक है। सिर्फ ओआरएस ही नहीं, सादा पानी भी देना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी पूरी हो सके।

बच्चों में उल्टी और दस्त का खतरनाक प्रकोप बरते सावधानी

बच्चों में उल्टी और दस्त का प्रकोप अधिक खतरनाक हो सकता हैं क्योंकि उनका शरीर वयस्कों की तुलना में अधिक तेजी से निर्जलित हो सकता है। बच्चों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। उन्हें अधिक से अधिक तरल पदार्थ दिए जाने चाहिए, और अगर स्थिति बिगड़ती है, तो उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता प्राप्त करनी चाहिए।

तत्काल ले चिकित्सा सहायता

हालांकि घरेलू उपचार उल्टी और दस्त के शुरुआती प्रबंधन में सहायक हो सकते हैं, लेकिन कुछ स्थितियों में तत्काल चिकित्सा सहायता आवश्यक होती है। यदि दस्त या उल्टी बहुत अधिक हो रही हो, खून आ रहा हो, या मरीज बेहोशी की स्थिति में हो, तो तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल जाएं। इसके अलावा, यदि मरीज को बुखार, पेट में गंभीर दर्द, या अन्य असामान्य लक्षण हों, तो भी चिकित्सा सहायता लेना अनिवार्य है।

भोजन और पेय पदार्थों में सावधानी

उल्टी और दस्त के दौरान हल्का और सुपाच्य भोजन करना चाहिए। तले हुए, मिर्च-मसाले वाले या बहुत ठंडे भोजन से परहेज करें। स्वच्छता, हाथों की अच्छी तरह से सफाई, ताजे और स्वच्छ भोजन का सेवन, बर्तन और पानी के स्रोतों की सफाई महत्वपूर्ण है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले व्यक्तियों को विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि उनके लिए ये स्थितियाँ अधिक गंभीर हो सकती हैं। उल्टी और दस्त जैसी स्थितियाँ अक्सर अस्थायी होती हैं और सही देखभाल और उपचार के साथ आसानी से ठीक हो जाती हैं। लेकिन इन स्थितियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए, खासकर जब छोटे बच्चे या कमजोर लोग प्रभावित होते हैं। ओ आर एस का सेवन, सही समय पर चिकित्सा सहायता प्राप्त करना, और पर्याप्त जलयोजन बनाए रखना महत्वपूर्ण है। अगर हम इन बातों का ध्यान रखें, तो उल्टी और दस्त से उत्पन्न खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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