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नशे पर निर्णायक प्रहार का ऐलान: कटनी पहुंचे डीआईजी, ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के साथ ऑपरेशन मुस्कान को दिया नया जोर,तीन साल में मादक पदार्थ मुक्त समाज का लक्ष्य, लापता बच्चों की खोज को प्राथमिकता—पुलिस व्यवस्था पर सख्त निर्देश

कलयुग की कलम से राकेश यादव

नशे पर निर्णायक प्रहार का ऐलान: कटनी पहुंचे डीआईजी, ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के साथ ऑपरेशन मुस्कान को दिया नया जोर,तीन साल में मादक पदार्थ मुक्त समाज का लक्ष्य, लापता बच्चों की खोज को प्राथमिकता—पुलिस व्यवस्था पर सख्त निर्देश

कलयुग की कलम कटनी– जबलपुर रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) श्री अतुल सिंह ने कटनी प्रवास के दौरान पुलिस कंट्रोल रूम में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर कानून व्यवस्था, नशे के विरुद्ध अभियान और लंबित प्रकरणों पर सख्त रुख अपनाया। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा सहित जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी उपस्थित रहे।

बैठक की शुरुआत में पुलिस अधीक्षक द्वारा पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से पिछले दो माह की उपलब्धियों और कार्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया गया, जिस पर डीआईजी ने संतोष व्यक्त करते हुए आगे की रणनीति पर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।

नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’

डीआईजी श्री अतुल सिंह ने मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए आगामी तीन वर्षों में नशामुक्त समाज के लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नशे के कारोबार पर नियंत्रण के लिए ‘शैडो एरिया’ की पहचान कर सप्लाई चेन को तोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही नशे के शिकार लोगों के पुनर्वास और जनजागरूकता के माध्यम से समाज की भागीदारी बढ़ाने की बात कही गई।

‘ऑपरेशन मुस्कान’ को मानवीय धार

1 अप्रैल 2026 से शुरू हुए ‘ऑपरेशन मुस्कान’ को लेकर डीआईजी ने विशेष संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य लापता नाबालिग बच्चों को खोजकर उनके परिवारों को फिर से जोड़ना है।

पिछले दो महीनों में दूर-दराज के शहरों से बच्चों की बरामदगी पर संतोष जताते हुए उन्होंने इस अभियान को और अधिक तेज व प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

कानून व्यवस्था पर सख्ती

बैठक में जिले की कानून व्यवस्था और लंबित मामलों की भी गहन समीक्षा की गई। धारा 173(8) के तहत लंबित प्रकरणों और शेष गिरफ्तारियों को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी मामलों का निराकरण तय समय सीमा में किया जाए।

डीआईजी ने कहा कि अपराध नियंत्रण और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है, इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

साफ संदेश: कार्रवाई जारी रहेगी

बैठक के अंत में डीआईजी श्री अतुल सिंह ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने, नशे के खिलाफ अभियान और जनसुरक्षा के मुद्दों पर पुलिस पूरी गंभीरता से कार्य करेगी। आमजन के विश्वास को मजबूत करना और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण ही प्राथमिक लक्ष्य रहेगा।

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