शताब्दी वर्ष में आस्था का महापर्व: सिलौंडी में 23 फरवरी को मूलनायक भगवान श्री चंद्रप्रभु का भव्य मोक्ष कल्याणक महोत्सव
कलयुग की कलम से राकेश यादव

शताब्दी वर्ष में आस्था का महापर्व: सिलौंडी में 23 फरवरी को मूलनायक भगवान श्री चंद्रप्रभु का भव्य मोक्ष कल्याणक महोत्सव
कलयुग की कलम सिलौंडी – ग्राम सिलौंडी का जैन समाज 23 फरवरी 2026 को मूलनायक भगवान श्री चंद्रप्रभु के मोक्ष कल्याणक महोत्सव को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाने जा रहा है। यह आयोजन विशेष रूप से ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि इस वर्ष श्री 1008 चंद्रप्रभु जिनालय अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर चुका है। पूरे क्षेत्र में इस महोत्सव को लेकर आध्यात्मिक वातावरण और उत्साह का माहौल है।
समाधिस्थ गुरुवर 108 श्री सिद्धसागर महाराजजी की प्रेरणा तथा शाश्वत तीर्थक्षेत्र श्री सम्मेदशिखरजी में विराजमान आचार्य विद्यासागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य 108 मुनिवर श्री पवित्रसागरजी महाराज के विशेष आशीर्वाद से यह पावन आयोजन संपन्न होगा। आयोजन समिति के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना का प्रसार तथा जैन संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाना है।
23 फरवरी की सुबह 9 बजे से पूजन, अभिषेक, शांतिधारा एवं निर्वाण लाडू चढ़ाने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। श्रद्धालु भगवान श्री चंद्रप्रभु के चरणों में आराधना कर आत्मकल्याण की मंगल कामना करेंगे। शाम के समय भक्तामर पाठ एवं भव्य महाआरती का आयोजन होगा, जिसमें भक्ति संगीत और दीपों की अलौकिक छटा वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर देगी।
इस महोत्सव में जबलपुर, सिहोरा, मुंबई सहित देश के विभिन्न नगरों में निवासरत सिलौंडी जैन समाज के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल होंगे। आयोजन को सफल बनाने के लिए समाज के युवा, महिलाएँ और वरिष्ठजन मिलकर तैयारियों में जुटे हुए हैं।
जैन समाज ने समस्त श्रद्धालुओं से इस पुण्य अवसर पर उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने तथा भगवान श्री चंद्रप्रभु के मोक्ष कल्याणक महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया है।



