आस्था, उत्साह और भक्ति का संगम: उमरिया पान सहित पूरे क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया महाशिवरात्रि पर्व
कलयुग की कलम से राकेश यादव

आस्था, उत्साह और भक्ति का संगम: उमरिया पान सहित पूरे क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया महाशिवरात्रि पर्व
कलयुग की कलम उमरिया पान -उमरिया पान एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों में महाशिवरात्रि का पावन पर्व इस वर्ष अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। क्षेत्र के मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, वहीं कई स्थानों पर अखंड रामायण पाठ, भजन-कीर्तन तथा शिव–पार्वती विवाह उत्सव के आयोजन ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।


शोभायात्रा बनी आकर्षण का केंद्र
उमरिया पान कटरा बाजार स्थित अनुराग रामायण मंडल के तत्वावधान में शिव-पार्वती की भव्य शोभायात्रा गाजे-बाजे, डीजे और ढोल-नगाड़ों के साथ निकाली गई। आकर्षक झांकियों से सुसज्जित यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बड़ी माई मंदिर, झंडा चौक, बस स्टैंड और आजाद चौक तक पहुँची। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया और भगवान शिव के जयकारों से पूरा नगर गुंजायमान हो उठा।
मंदिरों में विशेष पूजन-अर्चना
क्षेत्र के शिवालयों में विधि-विधान से रुद्राभिषेक, दुग्धाभिषेक और बिल्वपत्र अर्पण किया गया। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान शिव से सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना की। कई स्थानों पर शिव-पार्वती विवाह की प्रतीकात्मक झांकी सजाई गई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
अखंड रामायण और भजन संध्या
उमरिया पान सहित पचपेड़ी, परसवारा, पिपरिया, बम्हनी, महनेर, ढीमरखेड़ा, खमतरा, दसरमन और सिलौंडी सहित पूरे क्षेत्र में अखंड रामायण पाठ का आयोजन किया गया। रात्रि में भजन मंडलियों द्वारा शिव भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग गया। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से प्रसाद वितरण कर आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश दिया।

क्यों मनाया जाता है महाशिवरात्रि?
महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान शिव की आराधना को समर्पित है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह संपन्न हुआ था। एक अन्य मान्यता के अनुसार, इस रात्रि भगवान शिव ने तांडव नृत्य कर सृष्टि के सृजन, पालन और संहार का संदेश दिया। भक्त इस दिन उपवास रखकर, रात्रि जागरण कर और शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र अर्पित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। ऐसा विश्वास है कि सच्चे मन से पूजा करने पर भगवान शिव भक्तों के कष्ट दूर कर उन्हें सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करते हैं।
सामाजिक एकता का संदेश
महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों ने क्षेत्र में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता को भी मजबूत किया। विभिन्न गांवों और मोहल्लों से आए लोगों ने मिलकर आयोजन को सफल बनाया। युवा वर्ग की सक्रिय भागीदारी और बुजुर्गों के मार्गदर्शन ने इस पर्व को यादगार बना दिया।



