उमरियापान में आस्था का महासंगम बावली हनुमान मंदिर में श्रीराम महायज्ञ, श्रद्धा-भक्ति में डूबा पूरा अंचल
कलयुग की कलम से राकेश यादव

उमरियापान में आस्था का महासंगम बावली हनुमान मंदिर में श्रीराम महायज्ञ, श्रद्धा-भक्ति में डूबा पूरा अंचल
कलयुग की कलम उमरिया पान -नगर के प्रसिद्ध दक्षिणमुखी बावली हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित श्रीराम महायज्ञ इन दिनों पूरे अंचल के लिए आस्था और भक्ति का केंद्र बना हुआ है। महायज्ञ के शुभारंभ के साथ ही उमरियापान नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। सुबह से लेकर देर शाम तक यज्ञस्थल “जय श्रीराम” के उद्घोष और वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान रहता है।
महायज्ञ में श्रद्धालु यज्ञवेदी की परिक्रमा कर आहुति अर्पित कर रहे हैं और पुण्यलाभ अर्जित कर रहे हैं। यज्ञाचार्य पं. ज्ञानजी महाराज द्वारा वैदिक विधि-विधान के अनुसार श्रीराम महायज्ञ संपन्न कराया जा रहा है। मंत्रों की पवित्र ध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो उठा है।
महायज्ञ के साथ-साथ श्रीराम कथा एवं रामायण ग्रंथों के प्रसंगों का भी भावपूर्ण वर्णन किया जा रहा है। कथा में भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र, मर्यादा, सत्य, त्याग और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी जा रही है। वनवास प्रसंग, केवट संवाद, भरत मिलाप, हनुमान की भक्ति, लंका विजय और रामराज्य की स्थापना जैसे प्रसंगों को सरल और भावनात्मक भाषा में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे श्रोता भावविभोर हो रहे हैं। कथावाचन के दौरान यह संदेश दिया जा रहा है कि श्रीराम केवल एक राजा नहीं, बल्कि मानव जीवन के लिए आदर्श हैं।
यज्ञ स्थल के समीप मेले का आयोजन भी किया गया है, जहां पूजा-सामग्री, धार्मिक पुस्तकें, खिलौने और खान-पान की दुकानों पर लोगों की खासी भीड़ देखी जा रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक मेले का आनंद उठा रहे हैं, जिससे आयोजन में उत्सव जैसा माहौल बन गया है।
आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में महायज्ञ में सहभागिता कर पुण्यलाभ अर्जित करने की अपील की है। समिति का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा, आपसी सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का विस्तार होता है।



