कलेक्टर श्री तिवारी का सख़्त संदेश: लापरवाही बर्दाश्त नहीं शासकीय कार्य में कोताही पर दो पटवारी निलंबित
कलयुग की कलम से राकेश यादव

कलेक्टर श्री तिवारी का सख़्त संदेश: लापरवाही बर्दाश्त नहीं शासकीय कार्य में कोताही पर दो पटवारी निलंबित
कलयुग की कलम कटनी -जिले में शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के स्पष्ट निर्देशों के बाद शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही सामने आने पर दो पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई एसडीएम कटनी श्री प्रमोद कुमार चतुर्वेदी द्वारा की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हल्का छपरवाह के पटवारी श्री भान सिंह बागरी एवं हल्का कैलवाराखुर्द की पटवारी श्रीमती किरण सेन द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण न करने पर यह सख्त कदम उठाया गया।
कलेक्टर श्री तिवारी ने हाल ही में समय-सीमा के लंबित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान इन दोनों पटवारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर असंतोष व्यक्त किया था और स्पष्ट निर्देश दिए थे कि लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
तहसील कटनी नगर अंतर्गत राजस्व ग्राम बिलगवां के खसरा क्रमांक 150, 156 एवं 379 में अभिलेखों को समय पर दुरुस्त नहीं किए जाने पर पटवारी श्री भान सिंह बागरी को 12 जनवरी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद उनके द्वारा कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया और न ही अभिलेख सुधार की कार्रवाई की गई। इसे अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही मानते हुए एसडीएम द्वारा उन्हें निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय (कानूनगो शाखा) कटनी रहेगा।
इसी प्रकार ग्राम कैलवाराखुर्द, हल्का नंबर 5 अंतर्गत खसरा नंबर 90/4 में न्यायालय के आदेश के बावजूद नक्शा दुरुस्त नहीं किए जाने का मामला सामने आया। इस प्रकरण में पटवारी श्रीमती किरण सेन की कार्यशैली को भी गंभीर लापरवाही की श्रेणी में माना गया। तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम द्वारा उन्हें भी म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय बड़वारा निर्धारित किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निलंबन अवधि के दौरान दोनों पटवारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। कलेक्टर श्री तिवारी का यह कदम प्रशासनिक सख्ती का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है, जिससे यह संदेश गया है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही करने वालों पर कठोर कार्रवाई तय है।



