मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन कोई न कोई रिश्वतखोर अफसर या कर्मचारी रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ाया जाता है। ऐसा ही मामला छतरपुर जिले की नगर परिषद बकस्वाहा से सामने आया है। जहां 30 हजार की रिश्वत लेते एक महिला अधिकारी और सब-इंजीनियर पकड़ाए हैं।
दरअसल, इन दोनों पर आरोप हैं कि इन्होंने दोनों ने आवासीय पट्टा और प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर अवैध रूप से 30-40 हजार रुपए की रिश्वत ली है।
पीएम आवास के आवेदन के बदले मांगे पैसे
शिकायतकर्ता हरिओम अहिरवार ने बताया कि मुख्य नगर अधिकारी ने उनके आवासीय पट्टा और प्रधानमंत्री आवास के आवेदन के बदले पैसा मांगा। जांच में यह बात साबित हुई कि सीएमओ ने रकम सीधे नहीं ली, बल्कि उपयंत्री को सौंप दी। जैसे ही उपयंत्री ने पैसे लिए, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। पंचसाक्षियों के सामने रिश्वत की रकम केमिकल से धुलवाई गई तो गुलाबी हो गई।
हालांकि, आवेदक का आवासीय पट्टा और प्रधानमंत्री आवास का आवेदन नगर परिषद में अभी लंबित है। दोनों आरोपी भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण में नामजद किए गए हैं।