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ढीमरखेड़ा फर्जी फाउंडेशन बनाकर 24.57 लाख की ठगी का खुलासा 85 एकड़ जमीन बेचने का झांसा देकर रची गई सुनियोजित साजिश, चार आरोपी नामजद

कलयुग की कलम से राकेश यादव

ढीमरखेड़ा फर्जी फाउंडेशन बनाकर 24.57 लाख की ठगी का खुलासा 85 एकड़ जमीन बेचने का झांसा देकर रची गई सुनियोजित साजिश, चार आरोपी नामजद


कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – जिले में जमीन विक्रय के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्राप्त शिकायत की जांच के बाद धोखाधड़ी एवं आपराधिक षड्यंत्र का प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों द्वारा फर्जी संस्था और कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से 24 लाख 57 हजार रुपये की ठगी किए जाने का खुलासा हुआ है।

शिकायत पर हुई विस्तृत जांच


दिनांक 11 जुलाई 2025 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अनावेदक मनीष पांडे, दिलीप दुबे, मुकेश पटेल एवं अतुल शंकर श्रीवास्तव के विरुद्ध ठगी संबंधी शिकायत आवेदन प्राप्त हुआ था। शिकायत की जांच के दौरान प्रार्थी रणजीत पटेल पिता घासीराम पटेल (उम्र 47 वर्ष), निवासी ग्राम बरेली थाना ढीमरखेड़ा तथा उनके साथ प्रहलाद प्रसाद पटेल, पुरूषोत्तम उर्फ कल्लू पटेल, विवेक निधि रजक एवं निशा पटेल के कथन दर्ज किए गए।


फर्जी अनुबंध और बैंक खातों की जांच


जांच के दौरान प्रार्थी एवं आरोपियों के बैंक खातों की जानकारी एसबीआई, बैंक ऑफ महाराष्ट्र एवं डीसीबी बैंक कटनी से प्राप्त की गई। साथ ही फोन-पे के माध्यम से किए गए लेन-देन की रसीदें एवं एग्रीमेंट भी जांच में शामिल किए गए।
85 एकड़ जमीन बेचने का रचा गया फर्जी जाल
जांच में यह तथ्य सामने आया कि प्रार्थी रणजीत कुमार एवं आरोपी मनीष कुमार पांडे के बीच एक विक्रय अनुबंध पत्र तैयार किया गया था, जिसमें आरोपी मनीष पांडे ने स्वयं को स्प्रीच्युअल रीजनरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया संस्था की ओर से मौजा झिन्ना, अकोना, पोड़ीकला एवं शुक्ल पिपरिया तहसील ढीमरखेड़ा, जिला कटनी स्थित लगभग 85 एकड़ भूमि के विक्रय का वैधानिक अधिकार होना बताया। जांच में उक्त अनुबंध पत्र को फर्जी एवं कूटरचित पाया गया।


फाउंडेशन के नाम से खोला गया बैंक खाता


पुलिस जांच में यह भी उजागर हुआ कि आरोपी मुकेश पटेल द्वारा धोखाधड़ी से धन प्राप्त करने के उद्देश्य से बैंक ऑफ महाराष्ट्र, शाखा कटनी में एसआरएम फाउंडेशन के नाम से खाता खोला गया, जिसमें आवेदक पक्ष द्वारा अलग-अलग तिथियों में राशि जमा कराई गई। इसी प्रकार आरोपी मुकुन्दी पटेल एवं दिलीप दुबे द्वारा भी सदोष लाभ अर्जित किया गया।
सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र से की गई ठगी
शिकायत की संपूर्ण जांच के उपरांत यह प्रमाणित हुआ कि आरोपी मनीष पांडे, मुकेश पटेल, मुकुन्दी पटेल एवं दिलीप दुबे ने आपस में मिलकर सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र के तहत मिथ्या दस्तावेज तैयार किए और छल-पूर्वक एवं बेईमानी से प्रार्थी से कुल 24 लाख 57 हजार रुपये की राशि हड़प ली।


इन धाराओं में दर्ज हुआ प्रकरण


आरोपियों के विरुद्ध प्रथम दृष्टया अपराध धारा 318(2), 318(4), 319(2), 336(3), 61(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत पाया गया है। पुलिस ने प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में ले लिया है।

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