मध्यप्रदेश

अचानक बदला मौसम का मिजाज घना कोहरा, शीतलहर और पाला: कटनी जिले में ठिठुरन बढ़ी, किसानों के चेहरे खिले ग्रामीण इलाकों में अलाव का सहारा लेते हुए लोग ठंड से बचाव करते नजर आए

कलयुग की कलम से राकेश यादव

अचानक बदला मौसम का मिजाज घना कोहरा, शीतलहर और पाला: कटनी जिले में ठिठुरन बढ़ी, किसानों के चेहरे खिले ग्रामीण इलाकों में अलाव का सहारा लेते हुए लोग ठंड से बचाव करते नजर आए

कलयुग की कलम उमरिया पान -आज तड़के से ही कटनी जिले में मौसम ने अचानक करवट ली। शहर कटनी सहित उमरिया पान, ढीमरखेड़ा, खमतरा, सिलौंडी और आसपास के ग्रामीण अंचलों में सुबह घना कोहरा छाया है। दृश्यता बेहद कम होने से वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है। हाईवे से लेकर ग्रामीण सड़कों तक कोहरे की मोटी चादर बिछी रही है, जिससे यातायात की रफ्तार थमी नजर आई। कई स्थानों पर लोग लाइट जलाकर और बेहद सावधानी से वाहन चलाते दिखे।

कोहरे के साथ चल रही शीतलहर ने ठंड का असर और तेज कर दिया। सुबह-सुबह घरों से निकलने वाले लोगों को कड़ाके की ठंड ने झकझोर दिया। हाथ-पैर सुन्न कर देने वाली ठिठुरन के कारण बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही सामान्य से कम रही। ग्रामीण इलाकों में अलाव का सहारा लेते हुए लोग ठंड से बचाव करते नजर आए।

हालांकि आमजन के लिए परेशानी बढ़ाने वाला यह मौसम किसानों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। किसानों का कहना है कि लगातार बढ़ रही ठंड और शीतलहर गेहूं की फसल के लिए बेहद अनुकूल मानी जाती है। ठंड के असर से गेहूं की बढ़वार तेज होती है और दाने भरने की प्रक्रिया मजबूत होती है। किसानों के अनुसार, इस समय पड़ी ठंड से फसल की “चाल” बढ़ेगी, जिससे उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है।

कई गांवों में रात के समय हल्का पाला भी गिरने की जानकारी सामने आई है। खेतों में सुबह के वक्त पत्तियों पर जमी ओस और पाले की परत साफ देखी गई। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि पाले की तीव्रता ज्यादा न हो तो गेहूं के लिए यह नुकसानदायक नहीं होता, बल्कि ठंड का संतुलित असर फसल को मजबूती देता है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी सुबह और रात के समय कोहरा और ठंड का असर बना रह सकता है। ऐसे में वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। वहीं किसान वर्ग मौसम को लेकर आशान्वित है और बेहतर पैदावार की उम्मीद के साथ खेतों में निगरानी बढ़ा रहा है। घना कोहरा और शीतलहर जहां आमजन के लिए ठिठुरन और परेशानी लेकर आई है, वहीं किसानों के लिए यह मौसम गेहूं की सुनहरी फसल की उम्मीद जगा रहा है।

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