ढीमरखेड़ा गरीबों के राशन में हेराफेरी, बरेली दुकान के विक्रेता के खिलाफ प्रकरण दर्ज
कलयुग की कलम से राकेश यादव

ढीमरखेड़ा गरीबों के राशन में हेराफेरी, बरेली दुकान के विक्रेता के खिलाफ प्रकरण दर्ज
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा -विकासखंड ढीमरखेड़ा के अंतर्गत शासकीय उचित मूल्य दुकान बरेली (रामपुर) में सरकारी राशन की बड़ी हेराफेरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दुकान कोड 4206006 के विक्रेता उमेश उर्फ मंदा शर्मा द्वारा गरीब हितग्राहियों के हिस्से का राशन गबन किए जाने पर प्रशासन ने सख़्त कार्रवाई करते हुए उसके विरुद्ध ढीमरखेड़ा थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। यह कार्रवाई कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर की गई।
अंगूठा लगवाया, राशन नहीं दिया
कलेक्टर कार्यालय में राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच के आदेश दिए गए। एसडीएम ढीमरखेड़ा के निर्देशन में सहकारिता निरीक्षक, तहसीलदार एवं कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी की संयुक्त टीम ने दुकान का निरीक्षण किया। जांच के दौरान विक्रेता मौके से नदारद मिला।
ग्रामीण हितग्राहियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी दुकानदार घर-घर जाकर पीओएस मशीन पर अंगूठा लगवा लेता था, लेकिन उन्हें वास्तविक रूप से राशन नहीं देता था। दुकान भी नियमित रूप से नहीं खोली जाती थी और वितरण में लगातार लापरवाही बरती जा रही थी।
स्टॉक में भारी गड़बड़ी, अनाज गायब
जांच दल द्वारा जब दुकान के भौतिक स्टॉक का मिलान एईपीडीएस पोर्टल और पीओएस मशीन के आंकड़ों से किया गया, तो सैकड़ों क्विंटल अनाज गायब मिला।
मौके पर गेहूं, चावल और शक्कर पूरी तरह अनुपस्थित पाए गए, जबकि रिकॉर्ड के अनुसार दुकान में-गेहूं: 93.36 क्विंटल चावल: 179.76 क्विंटल नमक: 13.13 क्विंटल शक्कर: 0.60 क्विंटल होना चाहिए था। मौके पर केवल 3 क्विंटल नमक ही मिला।
14.83 लाख रुपये के राशन का गबन
जांच में सामने आया कि विक्रेता द्वारा—गेहूं: ₹7,18,700 चावल: ₹7,52,466नमक: ₹10,130 शक्कर: ₹1,800 कुल ₹14,83,096 मूल्य के खाद्यान्न की हेराफेरी की गई।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी वंदना जैन की रिपोर्ट पर ढीमरखेड़ा पुलिस थाने में आरोपी उमेश शर्मा के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4), 316(5) तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।



