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डिजिटल खेती की ओर बड़ा कदम ई-विकास प्रणाली से खाद्य वितरण होगा पारदर्शी ई- विकास से बदलेगी खेती की तस्वीर जनपद अध्यक्ष व कृषि सभापति ने कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

कलयुग की कलम से राकेश यादव

ढीमरखेड़ा डिजिटल खेती की ओर बड़ा कदम

ई-विकास प्रणाली से खाद्य वितरण होगा पारदर्शी ई- विकास से बदलेगी खेती की तस्वीर जनपद अध्यक्ष व कृषि सभापति ने कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा -खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार निरंतर ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में खाद्य वितरण को पारदर्शी, सरल और किसान-हितैषी बनाने के उद्देश्य से शासन द्वारा ई-विकास प्रणाली लागू की गई है। इस नई डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से अब किसान घर बैठे ही खाद्य के लिए ई-टोकन बुकिंग कर सकेंगे, जिससे उन्हें खाद्य प्राप्ति में लगने वाले समय, भीड़ और अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी।

योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और किसानों को जागरूक करने के लिए जनपद पंचायत अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे एवं कृषि विभाग सभापति के नेतृत्व में कृषि कार्यालय परिसर से कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर क्षेत्र में रवाना किया गया। यह कृषि रथ गांव-गांव जाकर किसानों को ई-विकास प्रणाली, ई-टोकन बुकिंग, पंजीयन प्रक्रिया और शासन की अन्य कृषि योजनाओं की जानकारी देगा।

इस अवसर पर कृषि विभाग के प्रभारी एसएडीओ रमेश सिंह श्याम ने बताया कि ई-विकास प्रणाली का राज्य स्तरीय शुभारंभ भोपाल के जंबूरी मैदान से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया है। योजना के अंतर्गत किसान अपनी भूमि, बोई गई फसल और रकबे के अनुसार पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन के बाद किसान ऑनलाइन माध्यम से खाद्य के लिए ई-टोकन बुक करेंगे, जिससे निर्धारित समय पर उन्हें खाद्य प्राप्त होगी। इससे न केवल कालाबाजारी पर रोक लगेगी, बल्कि वितरण व्यवस्था भी अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगी।

जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने कहा कि सरकार की मंशा है कि किसान को हर सुविधा समय पर और बिना किसी बाधा के मिले। डिजिटल व्यवस्था से किसानों का समय बचेगा और उन्हें बार-बार केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कृषि रथ के माध्यम से अंतिम छोर तक बैठे किसान तक जानकारी पहुंचाई जा रही है, ताकि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे।

कृषि विभाग सभापति शैलेंद्र पौराणिक ने कहा कि आज का किसान तकनीक से जुड़ रहा है। ई-विकास प्रणाली किसानों को आत्मनिर्भर बनाएगी और खेती को अधिक लाभकारी बनाएगी। शासन द्वारा मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्राकृतिक खेती, उन्नत बीज वितरण, सूक्ष्म सिंचाई और कृषि यंत्रीकरण जैसी योजनाओं के साथ-साथ अब डिजिटल खाद्य वितरण व्यवस्था भी किसानों के हित में लागू की गई है।

कृषि रथ के माध्यम से किसानों को यह भी बताया जा रहा है कि समय पर पंजीयन, सही जानकारी का चयन और ई-टोकन बुकिंग कैसे की जाए। विभागीय अमला किसानों को मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल के उपयोग का प्रशिक्षण भी दे रहा है।

इस अवसर पर विनय त्रिपाठी, स्वतंत्र चौरसिया, प्रकाश अवस्थी, पंकज चोपड़ा, केशव पाटीदार, रामेश्वर पंथी, स्नेह लता कोर्चे, निशा सोलंकी, अश्वनी पटेल, विजय पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।ई-विकास प्रणाली और कृषि रथ अभियान किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आया है, जो पारदर्शिता, सुविधा और समृद्धि की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।

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