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इंदौर में दूषित पानी से 23वीं मौत के बाद आज ‘जल सुनवाई’..

कलयुग की कलम से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट...

इंदौर में दूषित पानी से मौतों का आंकड़ा सोमवार को बढ़कर 23 हो गया। इमली वाली गली में रहने वाले रिटायर्ड लैब असिस्टेंट भगवानदास भरणे (74) की मौत हो गई। वे गुजराती साइंस कॉलेज से रिटायर्ड थे। 23वीं मौत के बाद अब जागे नगर निगम ने लिया एक्शन… आज से शुरू कर रहा जल सुनवाई।

बेटे के साथ रहते थे भगवानदास भरणे

बेटे के साथ भागीरथपुरा में रह रहे थे। बेटे मनोज ने बताया, उल्टी-दस्त होने पर 30 दिसंबर को वर्मा अस्पताल ले गए। जगह नहीं थी तो शैल्बी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। 3 जनवरी को बॉम्बे हॉस्पिटल ले गए। बॉम्बे हॉस्पिटल प्रबंधन का कहना है, अस्पताल लाने के क्रम में उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ, तत्काल सीपीआर दिया और वेंटिलेटर पर रखा था। अब भी अस्पतालों में 39 मरीज हैं। 3 वेंटिलेटर पर हैं। इस बीच भोपाल में भी निगम की लापरवाही सामने आई है। नरेला और विवेकानंद कॉलोनी की पाइपलाइन में मरा हुआ चूहा मिला। खरगोन में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के कुएं में जानलेवा ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला है।

आज से हर वार्ड में दो घंटे होगी सुनवाई

गंदे पानी की समस्या दूर करने इंदौर नगर निगम मंगलवार से सभी 85 वार्डों में जल-सुनवाई करेगा। पानी टंकी, जोन कार्यालय आदि स्थानों पर सहायक यंत्री, उपयंत्री, लाइनमैन की ड्यूटी लगाई है। सुबह 11 बजे से 1 बजे तक सुनवाई होगी। सीएम के स्वच्छ जल अभियान के तहत सुनवाई की जाएगी।

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