सांसद हिमाद्री सिंह विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह की अनुशंसा पर ढीमरखेड़ा अंचल को मिला ऐतिहासिक खेल तोहफा,खेल विकास समिति की भूमिका रही अहम मड़ेरा में 10 एकड़ शासकीय भूमि खेल मैदान हेतु आरक्षित कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्णय से खिल उठे खेल प्रेमी, उमरियापान बना खेल गतिविधियों का नया केंद्र
कलयुग की कलम से राकेश यादव

सांसद हिमाद्री सिंह विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह की अनुशंसा पर ढीमरखेड़ा अंचल को मिला ऐतिहासिक खेल तोहफा,खेल विकास समिति की भूमिका रही अहम मड़ेरा में 10 एकड़ शासकीय भूमि खेल मैदान हेतु आरक्षित कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्णय से खिल उठे खेल प्रेमी, उमरियापान बना खेल गतिविधियों का नया केंद्र
कलयुग की कलम उमरिया पान –ढीमरखेड़ा तहसील के उमरियापान क्षेत्र के खेल प्रेमियों और युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक और दूरगामी महत्व का निर्णय सामने आया है। ग्राम मड़ेरा में स्थित खसरा नंबर 3, रकबा 3.74 हेक्टेयर (लगभग 10 एकड़) शासकीय चरनोई मद की भूमि को विधिवत रूप से खेल मैदान हेतु आरक्षित कर दिया गया है। यह निर्णय न्यायालय कलेक्टर कटनी द्वारा पारित आदेश के अनुसार लिया गया, जिससे वर्षों से चली आ रही खेल मैदान की मांग को आखिरकार मूर्त रूप मिल गया है।
इस महत्वपूर्ण निर्णय के पीछे खेल विकास समिति उमरियापान एवं क्षेत्र की आम जनता की निरंतर मांग, जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा और प्रशासन की सकारात्मक पहल रही। माननीय सांसद श्री हिमाद्री सिंह एवं क्षेत्रीय विधायक माननीय धीरेंद्र बहादुर सिंह की अनुशंसा पर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की, जो क्षेत्र के खेल इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा।
विधिवत जांच के बाद हुआ निर्णय
प्रकरण के अनुसार ग्राम मड़ेरा, तहसील ढीमरखेड़ा, जिला कटनी स्थित शासकीय भूमि को खेल मैदान हेतु आरक्षित किए जाने के संबंध में अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों द्वारा विस्तृत जांच की गई। नायब तहसीलदार उमरियापान एवं अनुविभागीय अधिकारी ढीमरखेड़ा द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में बताया गया कि विधिवत इश्तहार प्रकाशन कराया गया, लेकिन किसी भी स्तर पर कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई। ग्राम पंचायत बम्हनी द्वारा दिनांक 8 मार्च 2025 को प्रस्ताव पारित कर इस भूमि को खेल मैदान बनाने की अनुशंसा की गई थी।
हल्का पटवारी द्वारा स्थल निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि खसरा नंबर 3 की यह भूमि मुख्य सड़क से लगी हुई है, जो स्टेडियम, आउटडोर एवं इंडोर खेल गतिविधियों के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। भूमि पर उपलब्ध वृक्षों का भी विवरण दर्ज किया गया, जिससे पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए विकास की संभावनाएं तलाशी जा सकें।
चरनोई भूमि नियमों का हुआ पूर्ण पालन
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि भूमि आरक्षण के बाद भी ग्राम में चरनोई भूमि का रकबा खाते की भूमि के निर्धारित 2 प्रतिशत से अधिक शेष रहेगा, जिससे पशुपालन या ग्रामीण आवश्यकताओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। जिला नजूल निर्वर्तन समिति ने 29 सितंबर 2025 को बैठक में सर्वसम्मति से इस भूमि को खेल मैदान हेतु सुरक्षित करने का निर्णय लिया, जिसके आधार पर खसरा कॉलम नंबर 12 में खेल मैदान की प्रविष्टि दर्ज करने के आदेश दिए गए।
खेल विकास समिति की भूमिका रही अहम
इस पूरे प्रयास में खेल विकास समिति उमरियापान की भूमिका सराहनीय रही। समिति के अध्यक्ष एवं मंडल अध्यक्ष आशीष चौरसिया के नेतृत्व में युवाओं और खेल प्रेमियों ने संगठित होकर यह मांग प्रशासन के समक्ष रखी। समिति ने यह स्पष्ट किया कि उमरियापान और आसपास के गांवों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, बल्कि संसाधनों और सुविधाओं का अभाव रहा है।
आशीष चौरसिया ने कहा कि यह खेल मैदान केवल एक मैदान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सपनों का केंद्र बनेगा। यहां क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स सहित अन्य खेलों की नियमित गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी। भविष्य में यहां जिला एवं संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन की भी संभावनाएं हैं, जिससे क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।

कलेक्टर का किया गया सम्मान
इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए खेल विकास समिति उमरियापान द्वारा कलेक्टर श्री आशीष तिवारी का अभिनंदन किया गया। समिति के अध्यक्ष आशीष चौरसिया ने कलेक्टर को अभिनंदन पत्र भेंट कर धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर उपस्थित खेल प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे युवाओं के भविष्य में निवेश बताया।
कलेक्टर श्री तिवारी ने भी इस अवसर पर कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। प्रशासन का उद्देश्य केवल भूमि आवंटन तक सीमित नहीं, बल्कि चरणबद्ध तरीके से खेल सुविधाओं का विकास कर क्षेत्रीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देना है।
क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल
खेल मैदान के लिए भूमि आरक्षित होने की खबर से उमरियापान, मड़ेरा और आसपास के गांवों में खुशी की लहर है। युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह निर्णय न केवल खेल गतिविधियों को बढ़ावा देगा, बल्कि नशे और असामाजिक गतिविधियों से दूर रखकर युवाओं को रचनात्मक दिशा देगा।



