प्रशासनिक निर्देशों पर पान बरेजों का संयुक्त सर्वे, फसल क्षति का किया गया वास्तविक आकलन
कलयुग की कलम से राकेश यादव

प्रशासनिक निर्देशों पर पान बरेजों का संयुक्त सर्वे, फसल क्षति का किया गया वास्तविक आकलन
कलयुग की कलम उमरिया पान -प्रशासनिक निर्देशों के तहत पान उत्पादक किसानों की स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से पटवारी एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने मैदानी स्तर पर पहुंचकर पान बरेजों का व्यापक सर्वे किया। इस सर्वे का उद्देश्य क्षेत्र में पान की फसल को हुए संभावित नुकसान की वास्तविक स्थिति का निष्पक्ष मूल्यांकन करना रहा, ताकि तथ्यों के आधार पर आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

सर्वे के दौरान पटवारी हल्का नंबर 23 बम्हनी के हल्का पटवारी अनिल गौटिया, सौरभ गर्ग एवं शैलेंद्र झरिया उपस्थित रहे। वहीं कृषि विभाग की ओर से कुमारी निशा सोलंकी, श्रीमती स्नेह लता कोरचे एवं श्रीमती अश्विनी पटेल ने मौके पर पहुंचकर पान की फसल की स्थिति का तकनीकी रूप से निरीक्षण किया। ग्राम स्तर पर कोटवार आनंद दहिया एवं नेमचंद दहिया की मौजूदगी में सर्वे कार्य किया गया, जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता बनी रही। सामाजिक सहभागिता के रूप में DCS लोकल यूथ से रणजीत चक्रवर्ती एवं शुभम लोधी भी टीम के साथ मौजूद रहे।
संयुक्त टीम ने ग्राम क्षेत्र के विभिन्न पान बरेजों का निरीक्षण कर मौके पर वास्तविक हालात का अवलोकन किया। इस दौरान पान उत्पादक किसान ज्ञानचंद चौरसिया, कमलेश चौरसिया, राजेश चौरसिया, बृजेश चौरसिया, रामकुमार चौरसिया एवं दुर्गेश चौरसिया सहित अन्य किसानों ने अपनी-अपनी पान की फसल सर्वे टीम को दिखाई और हुए नुकसान की जानकारी दी। टीम ने किसानों से संवाद कर फसल की स्थिति, देखरेख एवं प्रभावित क्षेत्रों से संबंधित आवश्यक विवरण संकलित किए।
प्रशासनिक अमले द्वारा किए गए इस मैदानी सर्वे को किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील पहल के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सर्वे के माध्यम से एकत्रित की गई जानकारी के आधार पर नियमानुसार रिपोर्ट तैयार कर उच्च स्तर पर प्रस्तुत की जाएगी, जिससे आगे की आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। प्रशासनिक सक्रियता से क्षेत्र के पान उत्पादकों में विश्वास का माहौल बना है।



