प्रभारी नदारद, प्रबंधक हावी: शिवशक्ति वेयरहाउस पड़रभटा में उपार्जन व्यवस्था बेपटरी अमानक धान की तौल, खुले आसमान तले उपज मौसम के बदले मिजाज से किसानों की मेहनत पर मंडरा रहा नुकसान का खतरा
कलयुग की कलम से राकेश यादव

प्रभारी नदारद, प्रबंधक हावी: शिवशक्ति वेयरहाउस पड़रभटा में उपार्जन व्यवस्था बेपटरी अमानक धान की तौल, खुले आसमान तले उपज मौसम के बदले मिजाज से किसानों की मेहनत पर मंडरा रहा नुकसान का खतरा
कलयुग की कलम पडरभटा कटनी -स्लीमनाबाद तहसील अंतर्गत पड़रभटा स्थित शिवशक्ति वेयरहाउस में संचालित धान उपार्जन केंद्र इन दिनों गंभीर अनियमितताओं को लेकर चर्चा में है। केंद्र पर खरीदी व्यवस्था को लेकर किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का आरोप है कि उपार्जन केंद्र का वास्तविक संचालन अधिकृत प्रभारी के बजाय प्राथमिक कृषि साख समिति पड़रभटा के समिति प्रबंधक के इशारों पर किया जा रहा है, जिससे पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिवशक्ति वेयरहाउस में संचालित उपार्जन केंद्र के अधिकृत प्रभारी विक्रेता बालगोविंद दुबे हैं, लेकिन केंद्र पर उनकी उपस्थिति न के बराबर है। इसके विपरीत समिति प्रबंधक दिनेश द्विवेदी लगातार वेयरहाउस में मौजूद रहकर संचालन करते नजर आते हैं। किसानों का कहना है कि केंद्र प्रभारी प्रायः बाहर रहते हैं और समिति प्रबंधक कार्यालय में बैठकर सभी निर्णय ले रहे हैं। शुक्रवार को स्थिति यह रही कि उपार्जन केंद्र पर नोडल अधिकारी भी मौजूद नहीं थे। इस दौरान अमानक धान की तौल किए जाने और कुछ व्यापारियों की संदिग्ध मौजूदगी ने किसानों के बीच असंतोष और अविश्वास को और गहरा कर दिया।
किसानों ने बताया कि उपज तौल के समय उन्हें बार-बार परेशान किया जाता है। कभी सर्वर डाउन होने तो कभी दस्तावेजों में कमी का हवाला देकर उन्हें कई दिनों तक चक्कर लगवाए जाते हैं। इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि समिति प्रबंधक और केंद्र प्रभारी का व्यवहार तानाशाहीपूर्ण है और वे अपनी मनमर्जी से काम कर रहे हैं।
धान खरीदी के बाद उपज के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था भी नाकाफी बताई जा रही है। वेयरहाउस परिसर में धान का ढेर लगा हुआ है, लेकिन उचित ढंकाव और सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। किसानों की उपज खुले आसमान के नीचे रखी गई है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम बदला और बारिश हुई तो उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा, जबकि नुकसान की जिम्मेदारी अंततः किसानों पर ही डाल दी जाएगी।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि समिति प्रबंधक द्वारा उन्हें डराया-धमकाया जाता है। कुछ किसानों का दावा है कि पूर्व खरीदी सत्रों में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं और समिति प्रबंधक की संपत्ति आय से अधिक होने की जांच होनी चाहिए। किसानों ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
इनका कहना है
उपार्जन केंद्र प्रभारी बालगोविंद दुबे ने बताया कि वे पिछले 5–6 दिनों से केंद्र नहीं गए हैं, इसलिए वर्तमान स्थिति की पूरी जानकारी उन्हें नहीं है। वहीं बहोरीबंद एसडीएम राकेश चौरसिया ने कहा कि वे स्वयं उपार्जन केंद्र का निरीक्षण करेंगे और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



