प्रशासनमध्यप्रदेश

समन्वय और टीमवर्क से हों राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरण – कलेक्टर श्री आशीष तिवारी पटवारी प्रत्येक मंगलवार–गुरुवार पंचायत मुख्यालय में अनिवार्य रूप से बैठें

कलयुग की कलम से राकेश यादव

समन्वय और टीमवर्क से हों राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरण – कलेक्टर श्री आशीष तिवारी पटवारी प्रत्येक मंगलवार–गुरुवार पंचायत मुख्यालय में अनिवार्य रूप से बैठें

कलयुग की कलम कटनी -राजस्व प्रकरणों के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निराकरण के लिए आपसी समन्वय और टीमवर्क के साथ कार्य करना आवश्यक है, ताकि आम नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। राजस्व अधिकारी स्थानीय स्तर पर सुलभ समाधान सुनिश्चित करें और फील्ड विजिट को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। यह निर्देश कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में दिए।

बैठक में अपर कलेक्टर श्री नीलांबर मिश्र, सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जिला प्रबंधक लोकसेवा श्री दिनेश विश्वकर्मा एवं जिला प्रबंधक ई-गवर्नेंस श्री सौरव नामदेव उपस्थित रहे।

कमजोर प्रगति पर तय होगी जवाबदेही

कलेक्टर श्री तिवारी ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि राजस्व मामलों में लापरवाही या कमजोर प्रगति किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। ऐसे अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। सभी एसडीएम को अपने-अपने अनुभाग में नियमित समीक्षा कर प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए।

तहसीलों में शुरू होंगे हेल्प डेस्क

किसानों एवं भूमि-स्वामियों की सुविधा के लिए फार्मर आईडी निर्माण कार्य को अभियान के रूप में प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए तहसील स्तर पर हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे, जहां फार्मर आईडी निर्माण एवं ई-केवाईसी की सुविधा मिलेगी। लोकसेवा केंद्र, उप-लोकसेवा केंद्र और सभी कॉमन सर्विस सेंटर्स में भी फार्मर आईडी काउंटर प्रारंभ किए जाएंगे। किसानों से अपील की गई कि तहसील आने पर आधार कार्ड अवश्य साथ रखें, ताकि तत्काल फार्मर आईडी बनाई जा सके। इस कार्य में स्थानीय युवाओं का भी सहयोग लिया जाएगा। भविष्य में खाद वितरण सहित शासकीय योजनाओं के लाभ के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य होगी।

पंचायतों में पटवारियों की नियमित उपस्थिति

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी पटवारी प्रत्येक मंगलवार और गुरुवार को प्रातः 11 बजे से शाम 4 बजे तक पंचायत भवन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। अनुपस्थिति पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे ग्रामीणों के राजस्व संबंधी कार्य पंचायत स्तर पर ही सरलता से हो सकेंगे।

15 फरवरी तक शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन

राजस्व अभिलेखों के डिजिटाइजेशन कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने बताया कि ढीमरखेड़ा और विजयराघवगढ़ तहसीलों में स्कैनिंग कार्य अंतिम चरण में है। अब तक 19 लाख से अधिक अभिलेखों की इमेज स्कैन की जा चुकी हैं। 15 फरवरी तक जिले में डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

राजस्व निराकरण में कटनी अग्रणी

राजस्व वसूली, सीमांकन, नामांतरण एवं बंटवारा प्रकरणों के निराकरण में कटनी जिले की प्रगति सराहनीय बताई गई। बंटवारा प्रकरणों में 86.77 प्रतिशत निराकरण के साथ जिला प्रदेश में छठवें स्थान पर है, जबकि नामांतरण के लगभग 22 हजार प्रकरणों के निराकरण के साथ 87.78 प्रतिशत प्रगति पर कटनी प्रदेश में 11वें स्थान पर है।

बैठक में वनाधिकार पट्टा, स्वामित्व आबादी सर्वे, स्वामित्व योजना, पीएम किसान योजना के अंतर्गत आधार-बैंक लिंकिंग, आरसीएमएस पोर्टल, अभिलेख दुरुस्ती, साइबर तहसील एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम अंतर्गत प्रकरणों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

Related Articles

Back to top button